पटना: बिहार की राजनीति में आज एक और अहम मोड़ आने वाला है। पटना स्थित जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश कार्यालय में मिलन समारोह का आयोजन किया जा रहा है, जहां राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व विधायक रेयाजुल हक राजू दोपहर 12:30 बजे औपचारिक रूप से जेडीयू का दामन थामेंगे। इस राजनीतिक घटनाक्रम को सियासी गलियारों में पाला बदल की बड़ी सियासी चाल के तौर पर देखा जा रहा है।

मिलन समारोह को लेकर जेडीयू दफ्तर में गहमागहमी का माहौल है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष समेत कई वरिष्ठ नेता इस मौके पर मौजूद रहेंगे। जेडीयू नेतृत्व इसे संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक समीकरणों के लिहाज से अहम मान रहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि रेयाजुल हक राजू के शामिल होने से जेडीयू को खासकर अल्पसंख्यक और क्षेत्रीय राजनीति में नई धार मिलेगी।

राजद से अलग होकर जेडीयू में जाने के फैसले को लेकर सियासी अटकलों का बाजार गर्म है। जानकारों का मानना है कि यह कदम केवल व्यक्तिगत राजनीतिक भविष्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके दूरगामी राजनीतिक संकेत भी हैं। एक तरफ जहां जेडीयू इसे सुशासन और विकास की राजनीति से जुड़ने का फैसला बता रही है, वहीं राजद खेमे में इसे असंतोष और अंदरूनी खींचतान का नतीजा माना जा रहा है।

रेयाजुल हक राजू का राजनीतिक सफर इलाके में खासा प्रभावशाली रहा है। विधायक रहते हुए उन्होंने अपने क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाई थी। ऐसे में उनका जेडीयू में शामिल होना पार्टी के लिए रणनीतिक तौर पर फायदेमंद माना जा रहा है। जेडीयू नेतृत्व की कोशिश है कि आगामी चुनावी रण में संगठन को और धारदार बनाया जाए और विरोधियों को सियासी संदेश दिया जाए।

मिलन समारोह के दौरान रेयाजुल हक राजू के पार्टी में शामिल होने की औपचारिक घोषणा के साथ ही मंच से सियासी संकेत भी दिए जा सकते हैं। वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि पार्टी इस शामिले को साधारण घटना नहीं, बल्कि सियासी उपलब्धि के तौर पर पेश करने जा रही है।

कुल मिलाकर, पटना के जेडीयू दफ्तर में होने जा रहा यह मिलन समारोह बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा करने वाला है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस पाला बदल का असर आने वाले सियासी समीकरणों पर कितना गहरा पड़ता है।




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