यूपीएससी की तैयारी करवाने वाले जाने-माने शिक्षक विकास दिव्यकीर्ति की मुशिलें बढ़ गई हैं. उनके खिलाफ कोर्ट ने नोटिस जारी किया है. ऐसे में उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है. विकास दिव्यकीर्ति के साथ मुश्किलें बढने का यह मामला ‘IAS vs Judge कौन ज्यादा ताकतवर?’से जुड़ा है. राजस्थान की एक कोर्ट ने उनके खिलाफ दायर मानहानि की शिकायत पर संज्ञान लिया है. कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि दिव्यकीर्ति ने तुच्छ प्रसिद्धि पाने के लिए दुर्भावनापूर्ण इरादे से न्यायपालिका के खिलाफ अपमानजनक और व्यंग्यात्मक भाषा का इस्तेमाल किया.

यह विवाद उनके एक वीडियो शो ‘आईएएस वर्सेज जज- कौन ज्यादा ताकतवर’ से खड़ा हुआ था. इसमें विकास दिव्यकीर्ति ने IAS को पावरफुल बताया था. मामले को लेकर अजमेर के न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 2 अजमेर के पीठासीन अधिकारी मनमोहन चंदेल की अदालत में दृष्टि IAS के संचालक विकास दिव्यकीर्ति पर मानहानि केस में 22 जुलाई को अदालत के सामने पेश होने के आदेश जारी किए गए.


शिकायतकर्ता ने क्या तर्क दिए?
कोर्ट को बताया गया कि विवादास्पद वीडियो में विकास दिव्यकीर्ति ने कथित तौर पर दावा किया था कि कॉलेजियम की मंज़ूरी के बाद भी संभावित न्यायाधीशों की फाइलें सरकारी लालफीताशाही के कारण अटकी रह सकती हैं. उन्होंने कथित तौर पर ज़िला न्यायाधीशों और ज़िला मजिस्ट्रेटों की शक्तियों के बीच विवादास्पद तुलना भी की थी और यह कहा कि न्यायिक शक्ति पुलिस के सहयोग पर निर्भर है. शिकायतकर्ता की कानूनी टीम ने तर्क दिया कि इस तरह के बयान न्यायपालिका की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं.








Leave a Reply