राष्ट्रीय जनता दल और महागठबंधन के आह्वान पर बिहार बंद का असर सुबह से ही रेल यातायात पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। राज्य के कई हिस्सों, खासकर समस्तीपुर, दानापुर, छपरा, आरा और जोमबाजार जैसे इलाकों में विभिन्न स्टेशनों पर ट्रेनें रोकी गईं, नारेबाज़ी की गई और प्रदर्शनकारियों ने झंडा-बैनर के साथ विरोध दर्ज कराया।

रेलवे द्वारा जारी विस्तृत सूची के अनुसार, लगभग 15 से अधिक प्रमुख स्टेशनों पर 20 से 100 तक की संख्या में लोग सुबह 6 बजे से लेकर 10 बजे तक रेलवे ट्रैक और प्लेटफॉर्म पर जुटे। बछवाड़ा, बरौनी और मुजफ्फरपुर जैसे स्टेशनों पर ‘रेल रोको’ आंदोलन किया गया, जिससे ट्रेनों के समय और संचालन पर सीधा प्रभाव पड़ा।

बछवाड़ा स्टेशन पर ट्रेन 12333 को 06:13 से 06:45 तक रोका गया, जिसमें 40–45 प्रदर्शनकारी मौजूद थे। आरा और जोमबाजार में झंडा-बैनर लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया, हालांकि वहां ट्रेन नहीं रोकी गई।बरौनी और समस्तीपुर जंक्शन जैसे महत्वपूर्ण जंक्शनों पर 08:48 से 09:08 तक 25 प्रदर्शनकारियों ने रेल यातायात ठप किया।

इस दौरान कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने “इंजन के सामने झंडा लेकर” प्रतीकात्मक रूप से ट्रेन संचालन को बाधित किया। दानापुर, छपरा और जख्मी रोड जैसे क्षेत्रों में प्रदर्शनकारियों की संख्या 100 तक रही, जिससे रेलवे प्रबंधन को ट्रेन संचालन रोकना पड़ा।

रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कहीं भी आगजनी, तोड़फोड़ या गंभीर उपद्रव की सूचना नहीं है, और सभी स्थानों पर स्थिति को नियंत्रण में रखा गया। प्रदर्शन पूरी तरह राजनीतिक और प्रतीकात्मक स्वरूप में किया गया।







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