बिहार में पंचायतों को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। जिसमें अब नीतीश सरकार ने पंचायत सचिव को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। नीतीश सरकार ने जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को और सरल व सुलभ बनाने के लिए आनेवाली परेशानी को दूर करने की कोशिश की है। सरकार के नए फैसले में अब पंचायत सचिव ही जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर सकेंगे।

पंचायत सरकार भवन से जारी होगा प्रमाण पत्र
अब यह प्रमाण पत्र पंचायत स्तर पर ही बनाए जाएंगे। माना जा रहा है कि इससे ग्रामीणों को काफी राहत मिलेगी। पंचायत सरकार भवन में ही इन प्रमाण पत्रों का निर्माण एवं वितरण किया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत प्रत्येक पंचायत सरकार भवन में एक अलग काउंटर खोला जाएगा, जहां ग्रामीण अपना आवेदन जमा करेंगे।

वहीं संबंधित पंचायत सचिवों को विभाग की ओर से यूजर आईडी उपलब्ध कराई जा चुकी है। अब उनके माध्यम से जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनना शुरू हो चुका है। पंचायती राज विभाग द्वारा प्रथम चरण में पताही प्रखंड के पांच पंचायतों को चिन्हित किया गया है, जहां पंचायत सचिवों को कंप्यूटर उपलब्ध करवा दिए गए हैं।

समय, पैसा और मेहनत की होगी बचत
पंचायत सचिव स्तर पर आवेदन का सत्यापन किया जाएगा और आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद वहीं से प्रमाण पत्र जारी कर दिए जाएंगे। यह नई व्यवस्था ग्रामीणों के लिए समय, पैसा और मेहनत तीनों की बचत करेगी।

30 दिन में जारी होता प्रमाण पत्र
अब तक ग्रामीणों को प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी कार्यालय तक जाना पड़ता था, जहां सीमित स्टाफ और संसाधनों के कारण लंबी कतारें लगती थीं। अब 30 दिनों के भीतर आवेदन किए जाने पर पंचायत सचिव प्रमाण पत्र जारी करेंगे।







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