पटना: बिहार में 11 जून को सरकारी छुट्टी है. इस दिन बिहार सरकार के सभी कार्यालय बंद रहेंगे. यह छुट्टी संत शिरोमणि कबीर दास की जयंती के अवसर पर दी जा रही है. हर साल इनकी जयंती हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा को मनायी जाती है.

किसे मिलेगी छुट्टी
बिहार सरकार के वार्षिक अवकाश कैलेंडर में इस दिन को पूर्व-निर्धारित सार्वजनिक अवकाश के रूप में सूचीबद्ध किया गया है.

आदेश के अनुसार सभी सरकारी दफ्तर, जिला कलेक्टरेट, तहसील कार्यालय, सभी राजस्व दंडाधिकारी, बैंक और अन्य कार्यालय बंद रहेंगे. इसके अतिरिक्त इस छुट्टी का लाभ शैक्षणिक, प्रशासनिक और तकनीकी संस्थानों के कार्यालय को भी होगा.

धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन
कबीर जयंती के अवसर पर राज्यभर में संत कबीर को मानने वाले अनुयायियों के द्वारा विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिनमें भजन-कीर्तन, सत्संग और सेमिनार शामिल हैं. इसके अलावा कबीर पंथी समुदायों के साथ मिलकर सामूहिक प्रार्थना सभाएं आयोजित की जाती है.

सत्संग का आयोजन
पटना के शास्त्री नगर स्थित कबीर पार्क में कबीर जयंती की पूर्व संध्या पर सत्संग का आयोजन किया गया. बड़ी संख्या में संत कबीर को मानने वाले उनके अनुयाई इस सत्संग सभा में शामिल हुए.


कौन हैं संत कबीर?
“बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर, पंछी को छाया नहीं फल लागे अति दूर” इस दोहा को रचने वाले संत कबीर दास ही हैं. इनका पूरा नाम संत शिरोमणि कबीर दास है. इन्हें कबीर और कबीर साहेब भी कहते हैं. ये एक 15वीं सदी के भारतीय रहस्यवादी कवि और संत थे.

संत कबीर का जन्म 1398 में काशी में माना जाता है. कबीर दास को मुख्यत: अंधविश्वास, व्यक्ति पूजा, पाखंड और ढोंग के विरोधी माना जाता है. जाति और धर्मों के बंधनों को मुक्त करने का काम किया. कबीर दास का निर्गुण सबसे प्रसिद्ध है.

निर्गुण क्या है?: निर्गुण यानि किसी भी इंसान की अंतिम गीत. जब किसी का निधन हो जाता है तो उसकी अंतिम यात्रा में इस गीत को गाया जाता है. कबीर दास के कई प्रसिद्ध दोहे हैं जो लोगों की जुबान पर रहता है.



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