बिहार कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी कृष्णा अलावरु ने विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी में बड़ा बदलाव किया है। चुनाव से पहले पार्टी को जिला और प्रखंड स्तरीय मजबूत बनाने के लिए कृष्णा अलावरु ने पार्टी में कुछ फेर बदल किया है। पार्टी के कई शीर्ष नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है। लेकिन अहम बात यह है कि इसमें अखिलेश सिंह को कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई है।

कांग्रेस ने स्क्रीनिंग कमिटी का किया गठन
दरअसल, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रभारी कृष्णा अलावरु द्वारा जिला और प्रखंड स्तर पर संगठन को और मजबूत करने एवं आवश्यक फेरबदल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 6 सदस्यीय स्क्रीनिंग कमिटी (Screening Committee) का गठन किया है। लेकिन इस कमिटी में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह को जगह नहीं मिली है। अखिलेश सिंह का इस कमिटी में नाम नहीं है वहीं नए प्रदेश अध्यक्ष सहित 6 लोगों को शामिल किया गया है।

6 सदस्यों में अखिलेश सिंह को नहीं मिली जगह
बता दें कि, कांग्रेस ने स्क्रीनिंग कमिटी का गठन किया है। इस कमिटी में 6 सदस्यों को शामिल किया गया है। कमिटी के संयोजक पद पर बिहार कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार हैं।

वहीं कांग्रेस नेता शकिल अहमद खान, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, कांग्रेस नेता देंवेन्द्र यादव, शहनवाज आलम और सुशील कुमार पासी को कमिटी का सदस्य बनाया गया है। वहीं इस कमिटी में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह को जगह नहीं मिली है।

कांग्रेस में कलह !
इस कमिटी के सदस्य अपने स्तर से जांच करेंगे और रिपोर्ट तैयार कर अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी को सौंपेंगे। बता दें कि, इस कमिटी में अखिलेश सिंह को जगह नहीं मिलना कहीं ना कहीं कांग्रेस के आंतरिक कलह को उजागर कर रहा है।

कांग्रेस ने हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष के पद से अखिलेश सिंह को हटाकर राजेश कुमार को दे दिया है। माना जा रहा है कि राजद से नजदीकी के कारण अखिलेश सिंह को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाया गया है। वहीं अब नए कमिटी में भी अखिलेश सिंह को जगह नहीं मिलने से कई चर्चाएं तेज हो गई है।



Leave a Reply