होली का त्योहार खुशियों, रंगों और उमंग से भरा होता है, लेकिन समाज के हर तबके तक इसकी खुशी पहुंचे, इसके लिए एक अनोखी पहल की गई। एक प्रयास मंच के द्वारा सिकंदरपुर मुक्तिधाम श्मशान घाट स्लम बस्ती में बच्चों के साथ “होली के रंग, बच्चों के संग” कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों के बीच गुलाल, अबीर और पिचकारियां वितरित की गईं। सभी बच्चों ने एक-दूसरे को रंग लगाकर और होली के लोकगीत गाकर त्योहार की खुशियां मनाईं।

“हमारा उद्देश्य है कि समाज के हर तबके के बच्चे खुशी से त्योहार मना सकें। इसी कारण हम स्लम बस्तियों में जाकर बच्चों के बीच त्योहारों का आयोजन करते हैं। मैं सभी से अपील करता हूं कि वे भी जरूरतमंद बच्चों की मदद करें ताकि वे भी त्योहारों का आनंद ले सकें।

इस आयोजन में निशांत, राजा, शौखी लाल मंडल, सीता देवी, रोहन मल्लिक, आकाश सहनी, अजय, सूरज, दीपक और संजय रजक समेत कई लोग शामिल हुए।

स्लम बस्ती के इन बच्चों के चेहरे पर जो खुशी थी, वह बताती है कि त्योहारों का असली मजा तब ही आता है, जब हर कोई इसमें शामिल हो। ऐसे प्रयासों से समाज में समानता और भाईचारे का संदेश फैलता है।






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