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महाशिवरात्रि 2020 : ओम नम: शिवाय से गूंजे देशभर के शि‍वालय, शिव-पार्वती की पूजा करने उमड़ी भीड़, देखें…

महाशिवरात्रि को लेकर शिवालय और शिव-पार्वती मंदिर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज रहे हैं। जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु भागलपुर सहित आसपास के जिलों में उमड़ पड़े हैं। गुरुवार की शाम से शिवालय सजा दिए गए थे। भक्तों को मंदिर परिसर में किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो जिसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए गए हैं।भागलपुर के प्रमुख बूढ़नाथ मंदिर, शिवशक्ति मंदिर, मनसकामना नाथ मंदिर, जिच्‍छो मंदिर, वेराइटी चौक स्थित शिव मंदिर, कोतवाली थाना परिसर मंदिर, शीतला चौक के पास स्थित शिव मंदिर, राणी सती मंदिर कोतलवाली चौक, अद्भुत हनुमान मंदिर में स्थित शिवलिंग, गायत्री म‍ंदिर ईश्वरनगर में स्‍थापित शिवलिंग, सुल्‍तानगंज के अजगवीनाथ धाम मंदिर, कहलगांव के बाबा बटेश्‍वरनाथ मंदिर, कजरैली शिवालय, तेतरहार शिवालय, जोड़ली शिवालय, गोनूधाम शिव मंदिर, बैजानी शिवालय, मड़वा के बज्रलेश्वरनाथ धाम, तेतरी शिव मंदिर, शाहकुंड प्रखंड के सजौर व गोवरांय के शिव मंदिर सहित अन्य मंदिरों में व्यापक तैयारियां की गई है।

सुबह चार बजे से ही पूजा-पाठ का दौर शुरू हो गया। इस दौरान ज्यादातर जगहों पर शिव मंदिर के सामने पार्वती का भी मंदिर है। शिव की पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने पार्वती की भी पूजा की। इस दौरान गणेश, कार्तिक, नंदी सहित शिव परिवार की पूजा की जाती है। भक्त मंदिरों में भगवान शिव को गंगाजल, दूध, भांग-धतुरा, शहद, गन्ने का रस आदि से जलाभिषेक कर उन्हें प्रसन्न कर रहे हैं। व़हीं मां गौरी की पूजा अर्चना भी मंदिर परिसर में धूमधाम से हो रही है। महाशिव रात्रि को लेकर ग्रह-गोचरों की स्थिति अनुकूल है।गोबरांय निवासी पौराणिक कथा व्यास आनन्‍दमूर्ति आलोक जी महाराज ने कहा कि इस बार महाशिवरात्रि शुभ माना जा रहा है। इस दिन अद्भुत संयोग बन रहा है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी है। सर्वार्थ सिद्धि योग 21 फरवरी को सुबह 09 बजकर 14 मिनट से 22 फरवरी को सुबह 06 बजकर 54 मिनट तक है। शिवरात्रि पर शुक्र अपनी उच्च राशि मीन में होगा और शनि मकर में।

इस दिन खास बात यह है कि इस बार महाशिवरात्रि को पंचक नहीं है। यह दुर्लभ संयोग 117 साल बाद बना है। जिसमें भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा उत्तम मानी गई है।21 फरवरी की शाम को 5:20 पर त्रयोदशी तिथि समाप्त होगी और चतुर्दशी तिथि शुरू होगी। इस कारण महाशिवरात्रि की पूजा कुछ लोग 22 फरवरी को भी कर सकते हैं। लेकिन जिस रात्रि में चतुर्दशी हो वह शिवरा‍त्रि के लिए विशेष शुभ मानी जाती है। इस खास दिन पर 59 साल बाद शश योग बन रहा है। इस दिन शनि और चंद्र मकर राशि में होंगे, गुरु धन राशि में, बुध कुंभ राशि में तथा शुक्र मीन राशि में रहेंगे।

साथ ही शुभ कार्यों को संपन्न करने वाला सर्वार्थ सिद्धि योग भी इस दिन है। साधना सिद्धि के लिए भी ये योग खास माना जाता है। इस बार चतुर्दशी तिथि शुक्रवार शाम 5:20 से शनिवार शाम 7:02 तक है। लेकिन ऐसे श्रद्धालु जो इस दिन उपवास में रहेंगे, उन्हें शुक्रवार सुबह से शनिवार शाम 7:02 बजे का उपवास करना होगा।

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