बिहार में 1 अप्रैल से ही बिजली प्रति यूनिट सस्ती मिलेगी साथ ही मीटर रेंट से भी सरकार ने लोगों को मुक्ति दे दी है। बुधवार को हुए कैबिनेट की मीटिंग में नीतीश कुमार की सरकार ने इस पर मुहर लगा दी है ।1 अप्रैल से राज्य के करीब एक करोड़ 60 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को 10 पैसे प्रति यूनिट सस्ती बिजली मिलेगी। सरकार के द्वारा इसे 1 अप्रैल के प्रभाव से ही लागू कर दिया गया है। वहीं किसानों को 65 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। राज्य के नागरिकों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिए नीतीश सरकार 5494 रुपए करोड़ रुपए का खर्च वहन करेगी।बुधवार को हुए कैबिनेट की बैठक में सीएम नीतीश कुमार ने इस पर मुहर लगा दिया है। बता दें कि सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के बदले में कैबिनेट ने मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के तहत 5494 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी दे दी है।

गौरतलब है की विद्युत विनियामक आयोग ने 20 मार्च को बिजली दर में 10 पैसे की कटौती की घोषणा कर दी थी। बता दें कि पिछले दर पर अगर लोगों को बिजली बिल देना पड़ता तो वह काफी महंगा पड़ता। लेकिन राज्य सरकार ने विद्युत विनियामक आयोग द्वारा किए गए निर्णय को मानते हुए 10 पैसे प्रति यूनिट बिजली दर कम करने का निर्णय लिया और साथ ही किसानों को 65 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली दिए जाने के फैसले पर भी मुहर लगा दी ।इतना ही नहीं मीटर रेंट को भी फ्री कर दिया गया।
उपभोक्ताओं को अब मीटर रेंट भी नहीं देना होगा
बिहार सरकार के इस निर्णय से उपभोक्ताओं को 1 अप्रैल से ही मीटर रेंट नहीं देना होगा। नीतीश सरकार के निर्णय से अनुमानतः उपभोक्ताओं को 20 रुपये से लेकर 1 हजार रुपये तक का फायदा होगा। अब इस नए टैरिफ के आ जाने से आज आने के बाद ग्रामीण घरेलू सेवा और कुटीर ज्योति में भी बिना मीटर के अब कनेक्शन नहीं दिया जाएगा ।
अब व्यवसायिक सेवा ग्रामीण घरेलू सेवा के साथ ही सिंचाई सेवा में बिजली की ख’पत मांग आधारित टैरिफ के अनुसार होगा इतना ही नहीं यह भी प्रावधान किया गया है की कंपनी बिल तब ही वसूल करेगी जब वह 21 घंटे तक बिजली देगी साथ ही यह भी कहा गया है कि लोड से अधिक खपत करते अगर पकड़े गए तो जुर्माना का फिक्स्ड चार्ज भी वसूला जायेगा।






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