वाल्मीकी टाइगर रिजर्व के गोबरहिया जंगल में लगी आग से बड़ा भूभाग धू धू कर जल रहा है। बगहा- वाल्मीकिनगर पथ के किनारे मदनपुर वनक्षेत्र के जंगल में आग लगी है जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई है। अनुमान है की इस घटना में कई एकड़ जंगल के क्षेत्र तक धीरे धीरे आग फैल गई है। हालांकि अब तक वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे हैं। हालांकि आज के मामले में वाल्मिकी टाइगर रिजर्व के वन संरक्षक डॉक्टर नेशा मानी के का कहना है कि आग से निपटने के लिए वन विभाग पूरी तरह से तैयार है। लेकिन धरातल पर वन कर्मी लापरवाही करते नजर आ रहे हैं।
दरअसल गर्मी की आहट के साथ ही वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं और अलग अलग हिस्सों में आए दिन आग लगते रहता है। आग लगने के बाद आसपास के इलाकों में उसका राख उड़कर गिरने लगता है जिससे लोगों में भी बेचैनी बढ़ जाती है तो जंगली जीव जंतुओं में भगदड़ मच जाती है ।
बता दें की वन विभाग के पास फिलहाल आग पर काबू पाने का कोई समुचित संसाधन नहीं है जिसके कारण झाड़ियों के सारे आग बुझाई जाती है। वैसे तो वन विभाग को आग लगने के कारणों की जानकारी नहीं है लेकिन प्रत्येक साल जंगल में आग लगने की घटनाएं घटती हैं और माना जाता है की जंगल में मवेशी चराने वाले चरवाहों द्वारा बीड़ी या सिगरेट जलाकर फेंकने की वजह से सुखी पत्तियों में आग लग जाती है और फिर यह विकराल रूप ले लेता है। इतना हीं नहीं नया हरा चारा के लिए भी मवेशी पालकों द्वारा जंगल में आग लगाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है ।



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