अपनी आवाज से लोगों को दीवाना वाले बॉलीवुड के मशहूर सिंगर यासिर देसाई पटना आकर काफी खुश हैं। उन्होंने कहा कि बिहार आना हमेशा से मजेदार होता है और अभी भी मजा ही आ रहा है। यासिर पटना के PMCH के 98वें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित मृदंग शो में लाइव सिंगिंग परफॉर्मेंस के लिए पटना पहुंचे थे
अपने सिंगिंग से नया मुकाम हासिल कर चुके यासिर का जन्म मुंबई में हुआ। उन्होंने 10 साल की उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था। उनका सिंगर बनने का कोई प्लान नहीं था पर उन्हें किस्मत ने यहां खींच लाया। उन्होंने दिल को करार आया, हुए बेचैन, आंखों में आंसू लेके, दिल मांग रहा है, पल्लो लटके, मखना, जीने भी दे, नैनो ने बांधी, जितनी दफा, जोगी, ट्विस्ट कमरिया जैसे कई ब्लॉकबस्टर गाने गाए। इसके अलावा उन्होंने कई वेब सीरीज और टीवी सीरियल जैसे ‘जख्मी’, ‘बड़े भैया की दुल्हनिया’, ‘दिल संभल जा जरा’ आदि में अपनी आवाज दी है।

PMCH के 98वें स्थापना दिवस के मौके पर पटना पहुंचे यासिर देसाई
दैनिक भास्कर से खास बातचीत में यासिर ने बताया कि उन्हें ‘लॉलीपॉप लागेलू’ गाना काफी पसंद है और अगर उन्हें भोजपुरी में गाने का मौका मिलेगा तो वह जरूर गाना चाहेंगे।
पटना आकर कैसा लगा रहा है?
मुझे पटना आकर बहुत अच्छा लगा। इससे पहले भी मैं बिहार आ चुका हूं। मैं सासाराम के शेर शाह सूरी महोत्सव में पिछले साल आया था। मजा आ गया था। यह हमेशा मजेदार होता है और अभी भी मजा ही आ रहा है।
बिहार की कौन सी चीज आपको सबसे अच्छी लगी है अबतक?
मैं अब तक 3-4 बार आया हूं और जितनी बार भी आया हूं मैंने लिट्टी चोखा का ज्यादा जिक्र सुना है और खाया भी वही है, तो लिट्टी चोखा मुझे काफी टेस्टी लगा।

यासिर ने बताया कि उन्हें ‘लॉलीपॉप लागेलू’ गाना काफी पसंद है
आपने ज्यादा हार्ट ब्रेक वाले गाने गाए हैं, तो आपका और इन हार्ट ब्रेक ट्रैक्स का कुछ कनेक्शन है क्या ?
नॉट रियली! मेरे हार्ट ब्रेक गानों को लोग इतना प्यार दे रहे हैं कि मुझे ऐसे गानों के ही ज्यादा ऑफर्स आते हैं। इसके अलावा भी मैं डांस नंबर कर चुका हूं। एक गाना आया था सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म ड्राइव का, उसका गाना ‘मखना’ मैंने ही गाया था। इसके अलावा मैं रोमांटिक ट्रैक्स और लाइफ के ऊपर भी गाने कर चुका हूं, पर हां लोग ज्यादा रिलेट मेरे हार्ट ब्रेक ट्रैक्स से करते हैं, तो ये अच्छी बात है।
क्या आपका भी दिल कभी टूटा है? आपकी स्टोरी क्या रही है?
आई एम स्योर! हर किसी का दिल टूटता है, तो मेरा भी हुआ ही है। ज्यादा डिटेल्स नहीं बता सकता, पर हां हुआ है। वो कॉलेज टाइम पर सबका होता ही है। किसी को कोई न कोई पसंद आता है और फिर कुछ हो नहीं पाता।
क्या ये सिर्फ अट्रैक्शन था?
अट्रैक्शन तो नहीं बोल सकता। इसे लव भी नहीं बोल सकता, क्योंकि मैं बच्चा ही था। कॉलेज में बच्चा ही होता है और वह नादानी ही होती है। पर हां, कहीं न कहीं वो चीज सिंगिंग में रह गई है और लोगों को दिखती है।



Leave a Reply