बक्सर जिले में महाशिवरात्रि की धूम है। शिवालयों में भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। वहीं जिले का एक गांव ऐसा भी है जो भगवान भोले नाथ को खुश करने के लिए एक अनोखा तरीका चार साल से अपना रहा है। दरअसल भक्तों के द्वारा 54 फीट के कांवर को दुल्हन की तरह सजाकर, रामरेखा घाट से जल लेकर यह कांवर यात्रा 40 किलोमीटर की पैदल यात्रा पर निकाला गया है, जिसमें 300 से 400 भक्त बोल बम, जय शिव का जयकारा लगाते हुए DJ पर नाचते गाते लगातार आगे बढ़ रहे है।null
कांवर यात्रा में 4 गांव के लोग होते हैं शामिल
बता दे कि महाशिवरात्रि पर कांवर यात्रा का अपना एक अलग ही महत्व है। ऐसे में बक्सर जिले के गोपालपुर गांव के लोगो की आस्था देखते ही बन रही है।सभी गांव से जलभरने के लिए एक दिन पहले ही शुक्रवार की शाम बक्सर के रामरेखा घाट पर पहुंच चुके थे, जहां रात गंगा घाट पर ही विश्राम करने के बाद इस भारी भरकम और लंबे कांवर में जल भर जलाभिषेक लिए पैदल निकल चुके हैं।आस्था की इस यात्रा में बच्चे बूढ़े, बड़े, महिला और नौजवान सभी शामिल हैं। कुछ भक्त तो ऐसे हैं जो कई वर्षों से लगातार जा रहे हैं, तो कुछ लोगों की यह पहली कांवड़ यात्रा है।सबसे बड़ी बात है कि यह यात्रा जलाभिषेक के बाद ही रुकता है।इसके लिए विभिन्न गांवों के डांक बम को शामिल किया गया है।
कांवर यात्रा में शामिल प्रभु सिंह यादव द्वारा बताया गया कि हमारे गुरु जी का यह आशीर्वाद है, जिसको लेकर हमलोगे चार साल से इस यात्रा को सफल कर रहे है।इस यात्रा 4 गांव के लोग शामिल होते है।गांव की सुख शांति समृद्धि के लिए यह यात्रा महाशिवरात्रि पर आगे जारी रहेगा।यात्रा में लग्भग 400 से 500भक्त सामिल है।शनीवार की अहले सुबह 4 बजे बक्सर के रामरेखा घाट स्थित गंगा नदी से कांवर में जल भरा गया उसके बाद यहां से पैदल ही कांवर यात्रा प्रारम्भ कर दी गई है



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