प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कोरोना वायरस महामारी (Pandemic Covid-19) के खि’लाफ जंग को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) से शनिवार को टेलीफोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने बताया कि मैंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ व्यापक बातचीत की। हमने एक अच्छी चर्चा की और कोरोना वायरस के खि’लाफ ल’ड़ाई (fight against coronavirus) में भारत और अमेरिका की साझेदारी को पूरी ता’कत के साथ इस्तेमाल करने पर सहमति व्यक्त की।
वहीं समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस लड़ाई में पूरा सहयोग करने का भरोसा दिलाया। प्रधानमंत्री मोदी ने इसके साथ ही ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो के साथ भी फोन पर बातचीत कोरोना से जंग में सहयोग की पेशकश की है। यह बातचीत ऐसे समय हो रही जब दोनों देश इस महामारी से पूरी ताकत से निपट रहे हैं। हालांकि अमेरिका में म’रने वालों व संक्रमितों का आंकड़ा भारत के मु’काबले बहुत ज्यादा है। भारत में जहां संक्रमितों की संख्या 3072 है वहीं म”रने वालों की संख्या 75 पर पहुंच गई है। जबकि अमेरिका में 278,458 से अधिक संक्र’मित हैं और म’रने वालों की संख्या 7100 से अधिक हो गई है।

उल्लेखनीय है कि अमेरिका इन दिनों कोरोना महामारी के नए केंद्र के तौर पर उभरा है। अमेरिका में गुरुवार और शुक्रवार के दरम्यान 24 घंटे में 1,480 लोगों की मौ’त हुई है। समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, अमेरिका में म’रने वालों की संख्या 7,406 हो गई है। यही नहीं बीते 24 घंटे में ही 33 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आने से पीडि़तों का आंकड़ा पौने तीन लाख के पार पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि हम एक अदृश्य दु’श्मन के खिलाफ ल’ड़ाई ल’ड़ रहे हैं। उन्होंने इस जंग में न्यूयॉर्क को हॉटस्पाट करार देते हुए लोगों से घर पर बने कपड़े का मास्क पहनने और चिकित्साकर्मियों के लिए मेडिकल मास्क की उपलब्धता बनाए रखने का आग्रह किया है।
कोरोना महामा’री से मु”काबले के लिए गठित ह्वाइट हाउस के टास्क फोर्स ‘के कई सदस्यों ने यह संभावना जताई है कि अमेरिका में यह खतरनाक बीमा’री अगले दस दिनों में अपने चरम पर होगी। ट्रंप ने बताया कि आर्मी कोर ऑफ इंजीनियर्स ने अमेरिका के सभी 50 राज्यों में 100 ज्यादा सुविधा केंद्रों को अस्पताल के लिए निर्धारित किया है। उल्लेखनीय है कि भारत दुनिया में दवाओं का बड़ा निर्यातक है। यही वजह है कि दुनिया की निगाहें भारत की ओर हैं। अमेरिका भी खोज और उच्च तकनीक वाले उपकरणों के निर्माण में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों देश मिलकर कोरोना वायरस से प्रभावी ल’ड़ाई ल’ड़ सकते हैं।
अभी कल यानी शुक्रवार को ही प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना वायरस से जूझने के तौर-तरीके को और प्रभावी बनाने के लिए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) के साथ टेलीफोन पर बातचीत की थी। पीएम मोदी और नेतन्याहू ने कोरोना के खिलाफ मौजूदा संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के लिए गठजोड़ बनाने का फैसला किया है। समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच म’रीजों के लिए आवश्यक दवाओं की आपूर्ति बनाए रखने और उच्च तकनीक के संसाधनों के इस्तेमाल पर भी बातचीत हुई।







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