अररिया जिले के नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र से सीमा से सटे सुपौल जिला अंतर्गत मेन कैनाल नहर के 78 आरडी के समीप बीते 5 फरवरी को पानी के तेज दबाव के कारण साइफन टूट जाने के कारण आस-पास के लोगों में अफरा तफरी का माहौल हो गया था। नरपतगंज क्षेत्र के ठूठी, मधुरा पश्चिम, अंचरा सहित कई गांव के लोगों में दहशत के माहौल में जी रहे थे। कई एकड़ भूमि में लगी फसल बर्बाद हो गया तो वहीं कई एकड़ भूमि में बालू भर गया है। घटना की सूचना पर विभागीय टीम स्थल पर पहुंचकर जांच में जुटी है। ग्रेडिंग के जेई अश्वनी कुमार कर्ण ने बताया कि बीते 4 फरवरी को एफ़ सीडी के हिसाब से पानी का बहाव ठीक था। अगर कैनाल में पानी अधिक होती है तो सुरसर नदी में स्किभ कर देते हैं। जेई ने बताया वर्ष 2020 भूकंप के बाद इस पुल में दरार पड़ गया था जिसको लेकर हमने विभाग को सूचना 2 वर्ष पूर्व ही दिया था। लेकिन विभाग इस बात को अनसुनी कर दिया था। पुल टूटने से सरकार को करोड़ों की क्षति हुई है। किसानों का कई एकड़ फसल बर्बाद भी हो गया है। इस संबंध में श्रीकांत शुक्ला सुप्रिडिंग इंजीनियर सिंचाई अंचल सहरसा ने बताया कि तत्काल काम शुरू कर दिया गया है। एनसीजीओ वॉच ग्रेबियन के द्वारा तत्कालीन 5 दिनों के अंदर काम करवाया जा रहा है। पुल का निर्माण रिकंस्ट्रक्शन कर रवि पटवन के बाद किया जाएगा। आवागमन के लिए टेम्परोरी व्यवस्था की जा रही है । विभाग की टीम में जूनियर इंजीनियर पटना से मॉनिटरिंग टीम, कार्यपालक अभियंता,बीरपुर डिवीजन के संबंधित अधिकारी मौजूद है।
अररिया जिले में तेज बहाव से पूल का साइफन टूटा:2 साल पहले पुल के साइफन में पड़ी थी दरार,



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