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कोरोना से जंग: दूसरे राज्यों से बिहार लौटे 1.7 लाख लोगों की होगी आज से स्क्रीनिंग…

लॉकडाउन के दौरान राज्य में बाहर से लौटनेवाले लोगों की सरकार शनिवार से स्क्रीनिंग करायेगी. मुख्य सचिव दीपक कुमार ने सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिग में इस आशय का निर्देश दिया है. उन्होंने बताया की बिहार में दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में लोग बिहार लौटे हैं. अन्य प्रदेशों से करीब एक लाख 70 हजार लोग बिहार में अलग-अलग लौटे हैं. बाहर से आनेवाले कई चरण में लौटे हैं. इसे दो भागों में बांटकर स्क्रिनिंग कराया जायेगा. पहला चरण में उन लोगों की जांच करायी जायेगी जो बाहर से 22 मार्च, 23 मार्च,24 मार्च, 25 मार्च और 26 मार्च को विशेष ट्रेन के माध्यम से बिहार आये हैं. एक दूसरे फेज में लोग 31 मार्च के आसपास बिहार में लौटे हैं.

उन्होंने बताया कि शनिवार से बड़े पैमाने पर जांच का काम आरंभ किया जायेगा. सबसे पहले मुंबई ले विशेष ट्रेन से लौटनेवाले लोगों की जांच करायी जायेगी. साथ ही केरल, तमिलनाडु और दिल्ली से लौटे लोगों की जांच होगी. इसके बाद 31 के आसपाल दिल्ली से बड़ी संख्या में लोग आये है, उनकी जांच करायी जायेगी. उन्होंने बताया कि गांव में वर्तमान में दो प्रकार से बाहर से आनेवाले रह रहे हैं. इसमें गांव में फिलहाल 27 हजार लोगों को सरकारी स्कूलों में कोरेंटिन में रखा गया है.

बाहर से लौटनेवालों में बड़ी संख्या वैसे लोगों की है जो अपने घरों में ही रह रहे है. ऐसे में अब सरकार ने निर्णय लिया है कि बाहर से राज्य में आनेवाले लोगों के ग्रुप में शामिल वैसे लोगों की पहचान की जाये, जिनमें संदिग्ध रूप से कोरोना के लक्षण दिख रहे हैं. इसके बाद उनकी पहचान कर आवश्यकता के अनुसार टेस्ट कराया जाये. इसको छह दिनों में छह फेज में स्क्रीनिंग कर ली जायेगी. उन्होंने बताया कि बाहर से आनेवाले में शत प्रतिशत का जांच कराना संभव नहीं है. उतनी किट भी राज्य में नहीं है.उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ की गयी वीडियो कांफ्रेंसिंग में जितनी बिहार ने जो मांग रखी है, उसे केंद्र सरकार देने पर सहमत हैं. टेस्ट किट का राष्ट्रीय स्तर पर कमी हैं. उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुसार राज्य को केंद्र द्वारा हर मांग को क्रमश: देने का अश्वासन मिला है.

मुख्य सचिव ने बताया कि विदेशों से बिहार में आनेवाले शत प्रतिशत लोगों की एक्टिव स्क्रीनिंग करा ली गयी है. विदेशों से आनेवाले यात्रियों का 18-23 मार्च का लक्ष्य था. विदेशों से आनेवालों में पॉजिटिव केस भी मिले हैं. इसका लाभ यह मिला कि इस दौरान बिना लक्षण वाले लोग भी पॉजिटिव भी मिले हैं. उनके कारण दूसरे में संक्रमण के प्रसार को रोका जा सका है

Input: Prabhat Khabar

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