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मस्जिद खाली कराने को तैैयार नहीं थे मौलाना, रात 2 बजे पहुंचे डोभाल तो पूरा हुआ ‘ऑपरेशन मरकज’

दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तबलीगी जमात के मरकज से कोरोना के 24 मरीज मिलने के बाद हड़कंप मच गया था। इसके बाद इससे जुडे 350 लोगों को राजधानी के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। मरकज को लेकर खबर मिलने के बाद जब निजामुद्दीन मरकज के प्रमुख मौलाना साद ने बंगालीवाली मस्जिद को खाली करने के लिए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की बात मानने से इनकार कर दिया, तो गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल से मोर्चा संभालने को कहा।

गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के अनुसार, डोभाल मरकज में 28-29 मार्च की रात लगभग 2.00 बजे पहुंचे और मौलाना साद को कहा कि वह कब्जेदारों की कोविड -19 संक्रमण की जांच करवाएं। शाह और डोभाल स्थिति के बारे में जानते थे क्योंकि सुरक्षा एजेंसियों ने तेलंगाना के करीमनगर में नौ टेस्ट पॉजिटिव इंडोनेशियाई लोगों को 18 मार्च को मरकज से आने के बाद ट्रैक किया था। सुरक्षा एजेंसियों ने अगले दिन मरकज संक्रमण के बारे में सभी राज्य पुलिस और सहायक कार्यालयों को अलर्ट भेजा था।

जबकि मरकज ने 28 और 29 मार्च को 167 तब्लीगी कार्यकर्ताओं को अस्पताल में भर्ती होने की अनुमति दी थी, लेकिन डोभाल के हस्तक्षेप के बाद ही जमात नेतृत्व ने मस्जिद की सफाई की। डोभाल ने पिछले दशकों में भारत और विदेशों में विभिन्न मुस्लिम आंदोलनों के साथ बहुत करीबी संबंध बनाए हैं। वह लगभग सभी मुस्लिम उलेमाओं  को जानते हैं और देश के लिए राष्ट्रीय रणनीति बनाने के लिए उनके साथ समय बिताते हैं।

ऑपरेशन अब चरण 2 में चला गया है। इसमें सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह प्रयास उन सभी विदेशियों का पता लगाने के लिए है जो भारत में हैं, उन्हें चिकित्सकीय रूप से जांचा जाता है और फिर वीज़ा मानदंडों का उल्लंघन करने पर कड़ी नज़र रखी जाती है। दिल्ली में मार्का में 216 विदेशी नागरिक थे, लेकिन देश के विभिन्न हिस्सों में 800 से अधिक हैं। इनमें से अधिकांश इंडोनेशिया, मलेशिया और बांग्लादेश के नागरिक हैं। जनवरी के बाद से गृह मंत्रालय ने कहा है, लगभग 2,000 विदेशियों ने मरकज मण्डली में भाग लिया है। प्रारंभिक रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि लगभग सभी ने अपने वीजा की शर्तों का उल्लंघन करते हुए पर्यटकों के लिए वीजा पर भारत में प्रवेश किया।

कोरोना वायरस का प्रकोप भारत में भी बढ़ता जा रहा है। देश में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है और यह आंकड़ा 1397 पर पहुंच गया है। इस खतरनाक कोविड-19 महामारी से अब तक देशभर में जहां 35 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 123 लोग पूरी तरह से ठीक हो गए हैं या फिर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अपडेटेड आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना वायरस के कुल 1397 मामलों में से 1238 केस एक्टिव हैं। देश में कोरोना वायरस से पीड़ित 49 विदेशी भी हैं। महाराष्ट्र जहां 264 मामलों के साथ इस तालिका में टॉप पर है, वहीं केरल में पॉजिटिव केसों की संख्या 254 हो गई है।  

कोरोना वायरस पूरी दुनिया में कहर मचा रहा है। विश्व के अधिकांश (अब तक 185) देशों में फैल चुके कोरोना वायरस (कोविड 19) का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है और इस खतरनाक वायरस से दुनिया भर में अब तक 41355 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 838445 लोग इससे संक्रमित हैं। भारत में भी कोरोना वायरस का संक्रमण फैलता जा रहा है और देश में कल कोरोना वायरस के सौ से ज्यादा नये मामले सामने आने के बाद इसके संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1397 हो गई है जबकि तीन और मरीजों की मौत होने की बाद मृतकों का आंकड़ा 35 हो गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि देश में कोरोना के 1397 मामलों की पुष्टि हो चुकी है।

Input: Hindustan

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