गया जिले में दूसरे फेज के तहत सुबह से नगर निकाय का मतदान अंधेरे में हो रहा है। बूथ के अंदर ईवीएम रखे पड़े हैं। वहां अंधेरा ही अंधेरा पसरा है। मतदाता आ रहे हैं और वे उसी अंधेरे के बीच वह वोटिंग कर रहे हैं। यह हाल वार्ड संख्या 52 में जगजीवन कॉलेज के बूथ पर बना हुआ है। टॉर्च की रोशनी में मतदाता मतदान कर रहे हैं। ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि वहां मौजूदा हाल कह रहा है। वहां के पीठासीन अधिकारी भी कह रहे हैं
हालांकि पीठासीन अधिकारियों ने इस बात की सूचना सेक्टर मजिस्ट्रेट को दी है पर अब तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है जिला निर्वाचन आयोग का दावा था कि बड़े ही सरल और सुव्यवस्थित तरीके से मतदान कराया जाएगा। जगजीवन कॉलेज पर यह दावा पूरी तरह से विफल साबित हुआ है। इस बूथ पर रोशनी की कमी के कारण मतदाता भी परेशान हैं।
वह जब पीठासीन अधिकारी और पोलिंग एजेंट से खुद को मतदाता होने का वैरिफिकेशन कराने के बाद जब वह ईवीएम के पास पहुंचते हैं तो वह चौक जाते हैं। उन्हें कुछ दिखता ही नहीं है कि ईवीएम में कौन सी संख्या कितनी जगह पर है कौन सा उम्मीदवार किस स्थान पर है। उनकी संख्या क्या है।
इस समस्या से जूझने के बाद पीछे से या तो पीठासीन अधिकारी या फिर कोई पोलिंग एजेंट उन्हें टॉर्च की रोशनी दिखाता है। तो वह फिर मतदान करते हैं। दरअसल वार्ड संख्या 52 के जगजीवन कॉलेज पर चार बूथ है। इन सभी चार बूथों पर अंधेरा कायम है। इस बाबत न तो कोई प्रत्याशी ही कुछ कह रहे हैं और ना ही कोई अधिकारी इस समस्या को देखने के लिए आ रहा है। सुबह के 7:45 बज रहे हैं। लेकिन अभी तक यहां एक भी अधिकारी नाल मजिस्ट्रेट न सेक्टर मजिस्ट्रेट न जोनल मजिस्ट्रेट इस समस्या को देखने के लिए आए हैं।



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