उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव देर रात पटना की सड़कों पर ठंड में लोगों को कंबल बांटने निकले। तेजस्वी कुछ रैन बसेरों में भी गए। जहां उन्होंने व्यवस्था का जायजा लिया। इसी दौरान एक रैन बसेरे में एक मजदूर बोल पड़ा कि साहब मुझे यहां नहीं सोना है। मुझे अधिकारी जबरदस्ती उठाकर लाए हैं। मैं रिक्शा चलाता हूं। और वो चोरी ना जाए इसलिए रोज उसी पर सोता हूं। मुझे जाने दीजिए। इस पर तेजस्वी बोले…तोहका डर लागता…के ले जाई तोहार रिक्शा। इसके बाद अधिकारियों को कहा जिसे जहां सोना है सोने दीजिए।
तेजस्वी ने पुल-फ्लाईओवर के नीचे कड़ाके के ठंड में सो रहे गरीबों को अपने पैसों से कंबल भी बांटे और उनसे बातें कर उनकी समस्याओं को जाना। तेजस्वी यादव ने संबंधित अफसरों को तत्काल निर्देश दिया कि कमियों को जल्द से जल्द दूर किया जाए।

रैन बसेरे में लोगों का हालत जानने पहुंचे तेजस्वी यादव।
सबसे अर्जी लेकर मेरे आवास पर भेजिए
रैन बसेरा में एक व्यक्ति ने डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से कहा कि साहब मेरी 10 कट्ठा जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है। इस पर डिप्टी सीएम ने कहा कि इनकी शिकायत ले लीजिए, मेरे आवास पर भेजिए। सभी रैन बसेरा में ऐसा इंतजाम करिए ताकि शिकायतें मेरे पास आएं।
तेजस्वी यादव के निर्देश पर ये व्यवस्था की गई
- आश्रय स्थलों में गरीबों के सोने के लिए बिस्तर और कंबल की व्यवस्था की गई।
- रैन बसेरों को आसपास के शौचालयों के साथ जोड़ा गया। जहां आसपास शौचालय नहीं हैं वहां अलग से शौचालयों की व्यवस्था की गई।
- सभी में स्वच्छ पेयजल की उचित व्यवस्था की गई है।
- जरूरी सामान रखने के लिए सभी लोगों के लिए अलग-अलग बक्से की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।
- सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीसीटीवी का भी इंतजाम किया गया है।
- मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और वाई-फाई की व्यवस्था भी देने निर्देश दिया।
- अग्निशमन उपकरणों की भी व्यवस्था करने के लिए अफसरों से कहा।
- जो लोग अपने रिक्शा, ठेलों अथवा अन्य वाहनों की सुरक्षा को लेकर चिंता में इन आश्रय स्थलों का लाभ नहीं ले पा रहे हैं, उनके लिए अलग से व्यवस्था की जा रही है।
- आश्रय स्थलों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया।
- रैन बसेरा का लाभ पाने के लिए प्रक्रिया को एकदम सरल बनाने को भी कहा गया ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद इसका लाभ उठा सकें।




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