बेगूसराय जिले में वायु प्रदूषण की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस कारण अब आम जनजीवन पर इसका प्रभाव होने लगा है। रविवार को भी बेगूसराय शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स ( AQI ) 463 पर रहा जो कि काफी खतरनाक माना जाता है। दरअसल , बीते महीने से बेगूसराय वायु प्रदूषण देश में टाप फाइव में लगातार बना है। शहर की सड़कों पर चल रही पुरानी गाड़ियां, शहर में खत्म हो चुके पेड़ पौधे, जहां-तहां कचरों का खुले आसमान के नीचे जलाना, निर्माण कार्य में कोई दूरदर्शी योजना ना होने के कारण निर्माण सामग्रियों का खुले में रखना और उसका वायुमंडल में फैलना इन सभी कारणों से शहर की हालात नारकीय हो गया है।
सांस लेने में होती है परेशानी
शहरवासियों ने बताया कि दिन भर काम से घर लौटने पर पूरा शरीर गंदा हो जाता है और सांस लेने में परेशानी होती है। इसके बाद दवाई लेने के बाद ही राहत मिलती है। चिकित्सकों ने बताया कि बेगूसराय शहर में विकास के कई कार्य किए जा रहे हैं । जिसका कोई भी प्रॉपर रोडमैप नहीं बनाया गया है । इस कारण अलग-अलग जगहों पर रोज-रोज खुदाई निर्माण कार्य होना, शहर में हरे भरे पेड़ों का विलुप्त हो जाना लोगों के द्वारा पुरानी वाहनों का प्रयोग करना जरूरत से ज्यादा गाड़ियों का सड़क पर दौड़ना इन सभी कारणों से प्रदूषण की समस्याएं बढ़ी है। खासकर नए जेनरेशन में जो भी छोटे-छोटे बच्चे हैं उनको अभी से सांस की तकलीफ शुरू हो रही है। जो आगे चलकर दम्मा, हर्ट डिजीज, डिप्रेशन यहां तक कि लकवा में भी परिणत हो सकता है। समय रहते सरकार को समाज को और प्रशासन को इस पर जल्द से जल्द लगाम लगाने के लिए आगे आना होगा। साथ ही साथ लोगों को घरों से जरूरत के वक्त ही निकलना चाहिए। वहीं दूसरी ओर लगातार वायु प्रदूषण के बढे रहने के बाद नगर निगम प्रशासन के द्वारा नगर निगम क्षेत्र में सड़कों पर जल का छिड़काव हो रहा है।



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