कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को 21 दिनों के लिए लॉकडाउन करा दिया है। बस व रेल संचलन ठप कर दिए जाने से विभिन्न शहरों में फंसे मजदूर पैदल ही घर के लिए चल पड़े हैं।
शुक्रवार को बस्ती से चले आधा दर्जन मजदूरों का जत्था गोरखपुर-पिपराइच मार्ग से कप्तानगंज कस्बा के आजाद चौक पर पहुंचा। वहां बैरिकेडिग कर चौकी प्रभारी रितेश सिंह तैनात थे। उन्होंने रोका तो मजदूरों ने बताया कि बस्ती से पैदल ही आ रहे हैं। भूखा-प्यासा होने की वजह से राह चलना भी मुश्किल हो गई है। चौकी इंचार्ज और पुलिसकर्मी सुनील कुमार व सर्वेश सिंह ने मजदूरों को जलपान कराया। जत्था में शामिल रामकोला थाने के खोटही निवासी गोविद, भुवनेश्वर मौर्य, लक्ष्मीगंज निवासी योगेंद्र शर्मा, तुर्कपट्टी निवासी रामाश्रय सिंह आदि ने बताया कि परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बस्ती व सहजनवा में खेतों में मजदूरी का कार्य करते हैं। वाहन न मिलने से पैदल ही हम लोग आ रहे हैं। पिपराइच कस्बा के बाहर खेत में रुक कर कुछ समय आराम किया गया था। चौकी प्रभारी ने सीएचसी के चिकित्सकों को बुलवाकर सबका स्वास्थ्य परीक्षण करवाया। कोरोना के लक्षण नहीं मिलने पर निजी साधन की व्यवस्था कराकर सभी को घर भिजवाया।

पंजाब से पैदल बिहार जा रहे लोगों की पुलिस ने की मदद जासं.सुकरौली बाजार, कुशीनगर: लॉकडाउन के चलते देश भर में मजदूर वर्ग के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। दिल्ली, पंजाब आदि शहरों में काम करने वाले घर लौट रहे हैं। पंजाब से पैदल बिहार जा रहे दर्जनों मजदूरों को यहां पुलिस ने जलपान कराया।

दोपहर दो बजे के लगभग दर्जनों लोग पैदल ही गोरखपुर की तरफ से सुकरौली पहुंचे। सुकरौली चौकी प्रभारी अखिलेश राय ने इन लोगों को रोक पूछताछ की तो पता चला कि सभी बिहार जा रहे हैं। कोई दिल्ली तो कोई सूरत से आ रहा। ढ़ाबा आदि बंद होने से सभी भूख-प्यास से त’ड़प रहे थे। पुलिस ने सभी को जलपान कराया और जरूरी सामान लेकर बिहार जा रहे ट्रकों से इन लोगों को भिजवाया। पुलिस टीम में कांस्टेबल अंकुर चौधरी, चंद्रशेखर सिंह, शमशेर शामिल रहे।




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