सीतामढ़ी में जिला मध्याह्न भोजन योजना में 35 लाख की गबन मामले में सोमवार से ही तीन सदस्यीय कमेटी द्वारा जांच शुरू कर दिया गया है। बता दें कि जिले सुप्पी प्रखंड के चर्चित स्कूलों में एमडीएम का परिवर्तन मूल्य की राशि की हेराफेरी व गबन मामला सामने आया था। इसको लेकर डीपीओ एमडीएम के द्वारा योजनाओं के जांच के दौरान खुलासा किया था। इसमें उस प्रखंड के 77 स्कूलों का नाम सामने आया है
13 लाख की हुई पुष्टि
इस संबंध में जानकारी देते हुए एमडीएम डीपीओ संजय कुमार देव कन्हैया ने बताया कि अभिलेखों से पीएफएमएस पोर्टल पर दर्ज प्रविष्टियों की गहन जांच कर रही है। अब तक जांच में मिडिल कोठिया राय में 1 लाख 77हजार 754 रुपए, प्राइमरी स्कूल गोसाइपुर टोल में 34,438 रुपए, प्राइमरी स्कूल अख्ता मुस्लिम टोल में 84,414 रुपए की अनियमितता की पुष्टि हुई है।
जांच में अब तक अवैध निकासी की रकम 13 लाख पार कर चुकी है। जांच अभी आगे भी जारी है। मालूम हो कि एमडीएम डीपीओ द्वारा 16 नवंबर को सुप्पी प्रखंड के कुछ स्कूलों का किए गये निरीक्षण के दौरान फर्जी बिल के जरिए वेंडर को अवैध भुगतान का मामला प्रकाश में आया था।
कार्रवाई का अनुशंसा
स्कूलों में फर्जी बिल के जरीए एमडीएम का परिवर्तन मूल्य की करीब 35 लाख रुपये भुगतान की संभावना व्यक्त करते हुए मामले की जांच पड़ताल की जारी है। विभागीय निदेशक के आदेश के आलोक में एमडीएम डीपीओ द्वारा फर्जीवाड़े में शामिल त्कालीन बीआरपी रितेश कुमार व सुभाष फूड प्रोडक्ट समेत मामले में शामिल कर्मियों व व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने व गबन की गई राशि की वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू करने की अनुशंसा डीईओ से की जा चुकी है। पहले दिन अनियमितता की संभावित 19 स्कूलों में से 13 स्कूलों के अभिलेखों की जांच हुई। जांच टीम में एमडीएम के जिला समन्वयक पंकज कुमार, जिला लेखापाल शंभू कुमार व एचडीएफसी बैंक के तकनीकी सहायक राम लाला आदि शामिल हैं। एमडीएम डीपीओ के निर्देश पर जांच में संबंधित हेडमास्टरों द्वारा उपस्थित होकर जांच टीम को संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराया गया।




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