बिहार की पहली फॉरेस्ट और रिवर सफारी का फेज वन पूरा हो गया। अब पर्यटकों के लिए दुर्गावती जलाशय परियोजना में जल विहार हेतु 25 सीटर वोट आकर खड़ी हाे गई है। जिसको कवर करने के लिए 12 सीटर वोट तैनात है। आठ सीट की एक वोट किसी विशेष आपात स्थिति के लिए हमेशा तैयार मिलेगी। जो पर्यटकों को सुरक्षा मुहैया कराएगी। रोहतास और कैमूर के वन विभाग कर्मचारियों द्वारा वोट की परीक्षण कर इसे आम लोगों के लिए उपयोग लायक करार दिया गया। साथ में सुरक्षा के मानदंडों को हर कसौटी पर परखकर वोटिंग के सहमति प्रदान कर दी गई।
परीक्षण करने गई टीम में चेनारी के रेंजर सुरेश ठाकुर, वनकर्मी अंकित कुमार सिंह, रणवीर सिंह, कैमूर के रेंजर मनोज कुमार के अलावे अन्य वनकर्मी शामिल थे। जिन्होंने संयुक्त रूप से इस महत्वाकांक्षी परियोजना के फोर फिटेड होने का प्रमाण पत्र दिया। यह वोट दुर्गावती परियोजना के जल अधिग्रहण क्षेत्र के 20 किलोमीटर अंदर तक जाने में सक्षम होगी। फिल्हाल न्यूनतम दूरी तक ही पर्यटकों को जल विहार कराने की अनुमति दी गई है। खासकर उस इलाके में जहां जलीय जीव इस मौसम में ज्यादा प्रवास करते हैं। उधर जाने की अनुमति नहीं है।
50 रुपए में 15 मिनट तक कर सकते हैं जल विहार
पर्यटन विभाग द्वारा निर्धारित किए गए दर के अनुसार 50 रूपए के शुल्क पर 15 मिनट परियोजना के जल क्षेत्र में एक पर्यटक जल विहार कर सकते हैं। एक वोट पर एक साथ 25 लोग को बैठने की अनुमति होगी। जिसके लिए सीट और सेफ्टी जैकेट देने का प्रावधान है। 12 पर्यटकों को बैठाने की क्षमता वाली एक अतिरिक्त वोट फिलहाल रिजर्व में रखी गई है। जबकि आठ सीटर वोट सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों के लिए होगी। जिस पर कुछ गोताखोर व तैराकों के अलावे सुरक्षा प्रहरी मुस्तैद रहेंगे।
फॉरेस्ट सफारी की तैयारी भी तेज
बिहार में दुर्गावती जलाशय परियोजना पहला ऐसा पर्यटक स्थल है जहां रिवर और फॉरेस्ट सफारी एक साथ जुड़ा हुआ है। इस परियोजना का रिवर सफारी तो अब शुरू हो गया। फॉरेस्ट सफारी के लिए जल अधिग्रहण क्षेत्र के अंदर 20 किलोमीटर तक वन क्षेत्र में जाने के कारण यह सुविधा मिली है। विभाग को पर्यटकों की सुविधा के लिए वाहन उपलब्ध कराने को कहे गए हैं जैसे ही वे वाहन मिले तो वोट से रिवर सफारी का मजा लेते हुए पर्यटक जंगल के अंदर तक जाएगें।
पक्षियों व जंगली जानवरों के एक साथ होंगे दीदार
पहले फॉरेस्ट और रिवर सफारी में पर्यटकों को साइबेरियन प्रवासी पक्षियों के साथ जंगली जीवों को देखने का एक साथ मौका मिलेगा। एक ही ट्रीप में ये दोनों मौके बिहार में अन्यत्र कहीं भी नहीं मिलते हैं। यह मौका सिर्फ रोहतास और कैमूर के बीच बहने वाली दुर्गावती नदी और उसके उपरी हिस्से में मौजूद कैमूर पहाड़ी के घने जंगलों के एक साथ जुड़े होने के कारण प्राप्त हुआ है। जो इस स्थान को बिहार का पहला फॉरेस्ट और रिवर सफारी बना रहा है।




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