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BreakingNews: लॉकडाउन में पैरेंट्स पर फीस का दबाव बनाया तो स्कूलों पर होगी सख्त का’र्रवाई…

कोरोना लॉकडाउन के दौरान कई तरह की परे’शानियों से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। गाजियाबाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने जिले के सभी स्कूलों को लॉकडाउन में शासन का सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। यदि इस दौ’रान फीस के लिए पैरेंट्स पर दबा’व बनाया गया तो स्कूल के खि’लाफ विभागीय का’र्रवाई की जाएगी।

ऑल स्कूल पैरेंटस एसोसिएशन के सचिव सचिन सोनी ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्र’मण के चलते प्रदेश सरकार की ओर से दो अप्रैल तक स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए थे। मंगलवार को प्रधानमंत्री ने पूरे देश में 21 दिनों के लिए लॉकडाउन रखने की घोषणा कर दी गई। इस बीच 14 अप्रैल तक सभी स्कूल भी बंद रहेंगे। आगे भी स्कूलों के खुलने की कोई संभावना नहीं है। वहीं स्कूलों की ओर से पैरेंटस से फीस की मांग की जा रही है।

गाजियाबाद पैरेंटस एसासिएशन के विवेक त्यागी ने बताया कि बुलंदशहर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक निजी स्कूल ने छात्रों को तीन अप्रैल को स्कूल आने और फीस जमा करने के लिए पैरेंटस को सर्कुलर जारी कर दिया था। इस मा’मले में जिला विद्यालय निरीक्षक से शिकायत की गई थी, जिला विद्यालय निरीक्षक रविदत्त शर्मा ने बताया कि इम मामले में स्कूल को सर्कुलर वापस लेने का नोटिस भेजा गया है।

निजी स्कूल छात्रों को दे रहे ऑनलाइन क्लास

गाजियाबाद (संं.) | लॉकडाउन के दौरान पढ़ाई का नुकसान न हो इसके लिए निजी स्कूलों की ओर से छात्रों की ऑनलाइन क्लास शुरू कर दी गई हैं। वॉट्सऐप ग्रुप के जरिये टीचर पैरेंटस को होमवर्क लिखवा रहे हैं। रोजाना अलग-अलग सब्जेक्ट का होमवर्क करवाया जा रहा है। लॉकडाउन के चलते स्कूलों में पढ़ाई भी प्रभावित हो गई। इस दौरान ही सभी स्कूलों में नया सत्र शुरू किया जाता है और पाठ्यक्रम की शुरुआत होती है। वहीं अभी तक स्कूलों के खुलने की कोई संभावना नहीं जताई जा रही। ऐसे में निजी स्कूलों ने ऑनलाइन क्लास शुरू कर दी है। अलग-अलग क्लासों को एक वॉट्सऐप ग्रुप तैयार कर दिया गया है, जिसमें छात्रों के पैरेंटस जुड़े हैं। इसमें रोजाना विषयों का होमवर्क अपडेट कर दिया जाता है। साथ ही विषयों की सूची भी बनाकर अपडेट कर दी गई है। इससे स्कूल शुरू होने पर छात्रों को किसी प्रकार की परेशा’नी नहीं होगी। छबीलदास पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या ने बताया कि अधिकांश पैरेंटस छात्रों का पाठ्यक्रम ले चुके थे, जिनके पास किताबें नहीं हैं वह ऑनलाइन एप की सहायता ले सकते हैं।

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