छपरा जंक्शन पर पूर्वोत्तर रेलवे विभाग की तरफ से एस्केलेटर सीढ़ी लगाया गया है। इस पर महिला वृद्ध और विकलांग लोगों के लिए एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म जाने के लिए यह एस्केलेटर सीढ़ी लगाया है। लेकिन आज कल यह सीढ़ी प्लेटफार्म पर घूमते बच्चों के मनोरंजन का साधन बन गया है।
सबसे बड़ी बात यह है कि इस जंक्शन पर आरपीएफ जीआरपीएफ और स्टेशन परिसर में सभी जगह पुलिस प्रशासन के साथ रेलवे कर्मी नजर आते है। लेकिन कोई भी इन बच्चो को रोकने की जरूरत नहीं समझता। इन छोटी बच्ची को क्या मालूम है कि इससे खिलवाड़ कितना महंगा पर सकता जान भी जा सकती है। उसके बावजूद भी इन बच्चों को कोई मना नहीं करता। जबकि उसी रास्ते कितने यात्री और अधिकारी वहां से गुजर रहे होते है।
ये बच्चे के लिए रेलवे की यह इलेक्ट्रिक मशीनरी एस्केलेटर सीढ़ी मनोरंजन बान गया है।जबकि चाइल्ड हेल्प लाइन का कार्यालय वही पर बगल मे प्लेट फॉर्म संख्या एक पर अवस्थित है। उसके बावजूद छपरा जंकशन पर इतनी बड़ी चूक देखने को मिल रही है। कुछ दिन पूर्व भी प्लेट फॉर्म संख्या एक के में गेट पर लगा यात्रियों के लिए समान चेकिंग इलेक्ट्रिक एस्केलेटर मशीन पर यात्री सो रहे थे।
लेकिन वहां पर रेलवे के सभी अधिकारी वहां से आते जाते जरूर मिलते किसी ने उसे हटाना नहीं समझा। इससे समझ सकते है कि छपरा जंकशन कितना ज्यादा असंवेदनशील है। यहां कोई भी बड़ी घटना आसानी से हो सकती है लेकिन रेल प्रशासन घटना के पूर्व नहीं बल्कि घटना के बाद नींद से जागेगा और छपरा जंक्शन परिसर को पूरी तरह सुरक्षित कर पाएगा फिलहाल अभी किसी प्रकार की जिम वाली कोई लेना नहीं समझता।



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