मुजफ्फरपुर में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-12 दिनेश कुमार प्रधान के कोर्ट में बुधवार को तब सनसनी मच गई जब अधिवक्ता पंकज कुमार लोडेड पिस्टल के साथ सुनवाई के लिए वहां पहुंच गए। न्यायाधीश के निर्देश पर उनके सुरक्षा गार्ड ने अधिवक्ता को लोडेड पिस्टल और कारतूस के साथ अपने कब्जे में ले लिया। इसकी सूचना टाउन थाना पुलिस को दी गई। अधिवक्ता को कोर्ट कक्ष में ही हिरासत में ले लिया गया। अधिवक्ता को हिरासत में लिए जाने के बाद कचहरी परिसर में दिन भर गहगहमी रही। सुरक्षा के मद्देनजर कई थाना की पुलिस व बड़ी संख्या में जवानों को कचहरी परिसर में तैनात किया गया।
शाम में जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामकृष्ण ठाकुर उर्फ रामबाबू ठाकुर, उपाध्यक्ष डा.संगीता शाही व महासचिव सचिदानंद सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जिला जज मनोज कुमार सिन्हा से मिलकर इसकी जानकारी दी और उनसे मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। जिला जज ने इस संबंध में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश -12 को बुलाकर मामले की जानकारी ली। इसके बाद अधिवक्ता पंकज कुमार के विरुद्ध टाउन थाना में FIR दर्ज कराई गई। अधिकता को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इस मुद्दे को लेकर जिला बार एसोसिएशन ने गुरुवार को अधिवक्ताओं की आमसभा बुलाई। इसमें आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श की जाएगी।
जमीन संबंधी विवाद का चल रहा मामला
बताया गया कि जमीन संबंधी विवाद को लेकर वर्ष-2017 में अधिवक्ता पंकज कुमार ने कोर्ट में विविध वाद दायर कर रखा है। इसकी सुनवाई में अनुपस्थित रहने व कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने पर उनके विरुद्ध अवमाननावाद शुरू हुआ था। कोर्ट ने उन पर पांच सौ रुपया कास्ट भी लगाया था। विविधवाद के मामले में बुधवार को कोर्ट में सुनवाई थी। इसी सुनवाई को लेकर अधिवक्ता कोर्ट में पहुंचे थे। मामले में बहस के दौरान न्यायाधीश की नजर उनके कमर में लटके पिस्टल पर पड़ी। अधिवक्ता ने बताया कि वे अगली तारीख की जानकारी लेने कोर्ट में गए थे।
जमकर होता रहा हंगामा
अधिवक्ता को हिरासत में लिए जाने को लेकर कचहरी परिसर में गहमागहमी रही। शाम में जब पता चला कि पंकज कुमार को नहीं छोड़ा जाएगा तो अधिवक्ता हंगामा पर उतर आए। उन्होंनें कोर्ट परिसर में नारेबाजी की, हालांकि एसोसिएशन के पदाधिकारियों के समझाने पर सब शांत हो गए। यह सिलसिला पूरे दिन चलता रहा। टाउन थाना पर भी काफी संख्या में अधिवक्ता पहुंच गए थे। जिससे गहमागहमी का माहौल बन गया। हालांकि बाद ने अन्य अधिवक्ताओं के ह्तक्षेप के बाद सभी शांत हुए और लौट गए।



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