लोक आस्था का महापर्व छठ पर्व आज नहाय खाय से शुरू होते ही बाजारों मे लोग खरीददारी जुट गए हैं। सुपौल जिले के गांव से लेकर शहर तक सभी लोग घर के आसपास की ना केवल सफाई करने के साथ-साथ छठ घाटों की सफाई का कार्य तेजी से शुरू कर दिया है। ताकि छठ व्रतियों को किसी तरह की कोई परेशानी ना हो सके।सुपौल शहर के विभिन्न चौक चौराहों पर छठ पूजा को लेकर इस्तेमाल में होने वाली पूजा सामग्री की दुकानें भी सजी है।n
नहाय खाय के साथब छठ पूजा शुरू हो गया है। तो लोक आस्था के महापर्व छठ पर्व स्वच्छता का प्रतीक भी है। ऐसे में जिले के छठ व्रतियों के घरों में साफ-सफाई के साथ-साथ घर के आसपास स्थानों को भी साफ किया जा रहा है। वहीं इसके साथ-साथ छठ घाट तक जाने वाले रास्ते को भी साफ सफाई की जा रही है। 4 दिन तक चलने वाले इस महापर्व छठ की शुरुआत शुक्रवार को नहाए खाए से शुरू हो गया है।

29 अक्टूबर शनिवार को खरना है। 30 अक्टूबर रविवार को डूबते सूर्य को अर्य्य दिया जाएगा। जबकि 31 अक्टूबर सोमवार को उगते हुए सूर्य को अर्घ देने के साथ ही लोक आस्था के महापर्व का समापन हो जाएगा। इस लोक आस्था के महापर्व में बांस के निर्मित सूप,डाला और नारियल के साथ कई तरह के फल और पूजन सामग्री की आवश्यकता महत्वपूर्ण होती है।

इसको लेकर बाजार में नारियल की कई अस्थाई दुकानें लगाई गई है। शहर के स्टेशन चौक, महावीर चौक और लोहिया चौक पर फल विक्रेताओं डोमणि देवी, मनोज कुमार, सुनील कुमार, राजा कुमार अन्य दुकानदारों ने बताया कि यंहा नारियल मद्रास असम सहित अन्य जगहों से आता है। शहर के बाजार मे छठ व्रतियों के द्वारा बाजार मे चहल कदम शुरू हो गया।
बाजार मे कोणीया के दाम ₹60 से लेकर ₹120 जोड़ा तक बिक रहा है। सूप ₹200 रूपये जोड़ा, चंगेरा 140 से 250 रूपये प्रति पीस, नारियल ₹60 से ₹100 जोड़ा,फल मे सेव ₹100 से ₹120 प्रति किलो,अनार 160 से ₹200 प्रति किलो, नारंगी ₹100 प्रति किलो,टाब नीबू 50 रूपये जोड़ा,कीवी ₹120 से ₹200 3 पीस, केला 40 से ₹60 प्रति दर्जन, वही केला घोड़ 400 रूपये से 600 रूपये तक प्रति पीस के हिसाब से बाजार में बिक रहे हैं।




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