Breaking NewsHealth & WellnessNational

अगर सावधानी हटी तो हो सकता है कोरोना: चीन से आए सामान से आपको भी हो सकता है कोरोना वायरस, जानें…

वैश्विक महामा’री बन चुके कोरोना वायरस ने आज पूरी दुनिया को अपनी च’पेट में ले लिया है। भारत में भी तेजी से इसके मा’मले बढ़ रहे हैं। इसको लेकर लोगों के मन में कई तरह के ड’र और भ्रांतियां उत्पन्न हो रही हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें व गलत जानकारियां फैलाई जा रही हैं। इन अफवाहों और भ्रांतियों को दूर करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने प्रयास तेज किया है। डब्लूएचओ की वेबसाइट पर उपलब्ध कोरोना से जुड़ी जानकारियों को पढ़कर आप इन इस बीमा’री से बचाव कर सकते हैं।

1. कोरोना वायरस गर्माहट से म’र सकता है

हकीकत : डब्ल्यूएचओ के मुताबिक हैंड ड्रायर कोरोना वायरस को नहीं मा’र सकते। इसके अलावा हाथ या शरीर के किसी अन्य हिस्से को संक्रमण मुक्त करने के लिए अल्ट्रावायलट (यूवी) लैंप का इस्तेमाल भी नहीं करना चाहिए। दरअसल, यूवी लैंप से निकलने वाली विकिरणों से त्वचा में खुजली और चुनचुनाहट की शिकायत हो सकती है। यही नहीं, गर्म पानी पीना या उससे नहाना भी कोरोना संक्रमण से बचाव में कारगर नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संभावना जताई थी कि चूंकि कोरोना वायरस गर्माहट से म’र जाता है, ऐसे में तापमान बढ़ने पर यह संक्रमण खुद बखुद काबू में आ जाएगा।

2. स्किन के रास्ते शरीर में नहीं पहुंच सकता

हकीकत : यह संभव है कि कोई व्यक्ति किसी ऐसी वस्तु या सतह को छूने के बाद अपने हाथों को चेहरे पर फिराने, मुंह में डालने या आंखों के पास ले जाने की वजह से कोरोना से सं’क्रमित हो जाए, जिस पर वायरस के अंश पहले से मौजूद हैं। हालांकि, यह कोरोना संक्रमण फैलने का मुख्य जरिया नहीं है। संक्रमित म’रीज की छींक या खांसी में निकली पानी की बूंदों के संपर्क में आने पर किसी व्यक्ति के कोरोना की जद में आने की आशंका कहीं ज्यादा रहती है।

3. अश्वेत लोगों को कोरोना संक्रमण नहीं होता

हकीकत : कोराना संक्रमण किसी को भी हो सकता है। सीडीसी के मुताबिक हर उस शख्स के संक्रमित होने का खतरा है, जो इस वायरस से जूझ रहे मरीज के संपर्क में आता है, फिर चाहे वो श्वेत हो या अश्वेत। जो लोग इस भ्रम में जी रहे हैं कि अश्वेत कोरोना के खतरे से महफूज हैं और जरूरी सावधानियां नहीं बरत रहे हैं, वे अनजाने में न सिर्फ अपनी, बल्कि करीबियों की जान को भी खतरे में डाल रहे हैं।

4. हमें इसे लेकर ज्यादा चिंतित नहीं होना चाहिए

हकीकत : यह सच है कि फ्लू के मामले ज्यादा सामने आए हैं। अकेले अमेरिका में अक्तूबर 2019 से लेकर अब तक करीब 3.4 करोड़ लोग फ्लू की जद में आ चुके हैं। लगभग 20 हजार अमेरिकियों को फ्लू से जान गंवानी पड़ी है, लेकिन कोरोना से मौतों की दर फ्लू की तुलना में अधिक है। बुजुर्गों और डायबिटीज, हृदयरोग, हाइपरटेंशन व कैंसर मरीजों के लिए तो यह संक्रमण ज्यादा ही घातक है। इसके अलावा फ्लू का टीका उपलब्ध है, जबकि कोरोना वायरस से बचाव में कारगर कोई भी दवा या टीका फिलहाल ईजाद नहीं किया जा सका है।

5. संक्रमण पालतू जानवर से मुझमें और मुझसे मेरे पालतू जानवर में फैल सकता है

हकीकत : नहीं। डब्ल्यूएचओ का कहना है कि फिलहाल कुत्ते-बिल्ली जैसे पालतू जानवरों के कोरोना से संक्रमित होने या उनसे यह वायरस मालिकों में फैलने का कोई मामला सामने नहीं आया है।

6. घरेलू उपाय बचाव और उपचार में कारगर हैं

हकीकत : यह सच है कि फ्लू के मामले ज्यादा सामने आए हैं। अकेले अमेरिका में अक्तूबर 2019 से लेकर अब तक करीब 3.4 करोड़ लोग फ्लू की जद में आ चुके हैं। लगभग 20 हजार अमेरिकियों को फ्लू की वजह से जान गंवानी पड़ी है, लेकिन कोरोना से मौतों की दर फ्लू की तुलना में अधिक है। बुजुर्गों और डायबिटीज, हृदयरोग, हाइपरटेंशन व कैंसर से जूझ रहे मरीजों के लिए तो यह संक्रमण कुछ ज्यादा ही घातक है। इसके अलावा फ्लू का टीका उपलब्ध है, जबकि कोरोना वायरस से बचाव में कारगर कोई भी दवा या टीका फिलहाल ईजाद नहीं किया जा सका है।

7. चीन से आए सामान से कोरोना हो सकता है

हकीकत : नहीं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार चीन या कोरोना वायरस से जूझ रहे किसी अन्य देश में तैयार उत्पादों से संक्रमण नहीं फैल सकता है। कोरोना वायरस भले ही अलग-अलग तरह की सतहों पर चंद घंटों से लेकर कई दिनों तक रह सकता है। एक देश से दूसरे मुल्क में जाने के दौरान सामान के अलग-अलग तापमान और वातावरण से गुजरने पर वायरस उस पर जिंदा रहेगा, इसकी गुंजाइश न के बराबर है। बेहतर होगा कि डिलवरी मैन से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए रखें।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.