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देशभर में लॉकडाउन: आलू और टमाटर के दाम हुए दोगुने, बाजार से आटा-ब्रेड गायब, जानें…

कानपुर लॉकडाउन होने से सड़कों पर भले ही कर्फ्यू सा नजारा हो पर घरों में बंद लोग परेशान हो गए हैं। बुधवार को चौतरफा खाद्य सामग्री की कालाबाजारी शुरू हो गई। 20 रुपए में किलो वाला आलू 40-50 रुपए में बिक रहा है। मुनाफाखोर 40 से 60 रुपए में आटा बेच रहे हैं। टमाटर के रेट 60 रुपए किलो पहुंच गए हैं। दुकानों से ब्रेड गायब हो गई है। दाल-चावल की कीमतें भी आसमान पर पहुंच गईं। सब्जी और किराना की जो दुकानें सुबह खुलीं, वहां खरीदारों की लंबी कतारें लग गईं। इस बीच डीएम डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी के सामने आटा खत्म होने की शिकायत आई तो उन्होंने तत्काल फ्लोर मिल संचालकों की बैठक बुला ली। आश्वासन दिया कि आटे की कमी नहीं होगी।

बुधवार सुबह से ही शहर में जरूरी सामानों को लेकर मारामारी शुरू हो गई। किराना और दूध की दुकानों में सामान लेने की होड़ लग गई। मुनाफाखोरों इसका फायदा उठाने से नहीं चूके और दुकानों में कालाबाजारी शुरू हो गई। देखते ही देखते सब्जियों के भाव दोगुने दाम पर पहुंच गए। कई दुकानें खुली ही नहीं। पूछने पर मालूम पड़ा कि स्टॉक खत्म हो गया है। एक-एक किलो आटा खरीदने के लिए लोग कई-कई बार दुकानों के चक्कर काटते रहे। बादशाहीनाका बाजार में आटा 60 रुपए किलो बिकने की शिकायत कलक्ट्रेट पहुंची तो डीएम ने वहां जाकर जांच करने के निर्देश दिए। टीम वहां पहुंची तब तक संबंधित दुकान ही बंद हो गई। ब्रेड का कहीं भी अता-पता नहीं था।

मंगलवार को प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद लोगों को जरूरी खाद्यान्न सामग्री उपलब्ध कराने को लेकर प्रशासन ने रूपरेखा तैयार की थी। इसके तहत तड़के चार से 11 बजे तक दुकानें व मंडी खोलने की अनुमति दी है। सुबह जब दुकानें खुलीं तो भीड़ टूट पड़ी। सब्जी-फल के साथ आटा, दाल-चावल व ब्रेड की सर्वाधिक मांग रही। घंटों लोगों को आफत झेलनी पड़ी।

माल रोड व नयागंज में आटा व ब्रेड गायब
शहर के अति व्यस्ततम मालरोड व नयागंज में लोग सुबह से ही आटा व ब्रेड को लेकर बेहाल रहे। अधिकांश प्रोविजन स्टोर में आटा का पता नहीं था। सिर्फ दूध ही मिल रहा था। मंडी में सब्जियों के दाम काफी बढ़ चुके थे। नवरात्र का पहला दिन होने की वजह से आलू की डिमांड सबसे ज्यादा थी। यही वजह थी कि 20 रुपए में बिकने वाला आलू 50 और टमाटर 60 रुपए प्रति किलो में बिका। रामनारायन बाजार में किराना दुकानों में दाल, चावल व अन्य खाद्य सामग्री लेने की होड़ मची थी। यहां पान मसाला भी लाइन लगाकर लोग खरीद रहे थे। 

बर्रा, कर्रही, गुजैनी, गोविंद नगर, नौबस्ता बंबा में आटा की किल्लत
दक्षिण में भी कम दिक्कत नहीं रही। बर्रा, गुजैनी, दबौली, गोविंद नगर, रतनलाल नगर, कर्रही, नौबस्ता बंबा, किदवई नगर, साकेत नगर में सबसे ज्यादा मारामारी आटा के लिए रही। अधिकांश दुकानों पर सुबह नौ बजते-बजते आटा खत्म हो गया, जहां बचा भी तो 40 रुपए तक बिका। वहीं व्रत में सबसे अधिक मांग सिंघाड़े के आटे की रहती है, जो कहीं था ही नहीं। जिन दुकानों में था, वहां 220 रुपए किलो तक बेचा गया। आलू 35 से 40 के बीच रहा। कुछ दिन पहले तक न बिकने वाली गोभी भी 40 रुपए प्रति पीस के हिसाब से बिकी। टमाटर 60 रुपए किलो बिका। अन्य सब्जी व फल के दाम भी ऐसे रहे। 

बेकनगंज-चमनगंज बाजार  में ब्रेड गायब
सुबह से ही बेकनंगज, चमनगंज, तलाकमहल, कर्नलगंज व परेड और आसपास की दुकानों पर भीड़ थी। आटा, चावल, तेल और चाय की पत्ती की डिमांड ज्यादा थी। आटा दुकानों से गायब हो चुका था। जहां था तो रेट काफी बढ़ गए थे। चावल की कीमतें भी ऊंची थीं। दुकानदार कह रहे थे, लेना हो तो अच्छा व महंगा चावल ही स्टॉक में बचा है। बेबस लोग क्या न करते, महंगा होकर भी खरीदना पड़ा। बाजार में न तो ब्रेड थी और न ही टोस्ट। दूध की उपलब्धता थी लेकिन फल की बिक्री न के बराबर दिखी। 

बिठूर, चौबेपुर, मंधना में घंटे दर घंटे बढ़े दाम
बिठूर, मंधना, चौबेपुर सब्जी मंडी में सुबह ही लोगों की भीड़ लग गई। ण्ेसे में थोड़ी-थोड़ी देर में सब्जियों के दाम बढ़ते गए। सुबह छह बजे आलू 25 रुपए प्रति किलो बिका तो आठ बजे इसकी कीमत 30 रुपए पहुंच गई। दस बजे के आलू 40 रुपए तक बिकने लगा। लौकी 50 रुपए पर थी। अन्य सब्जियों के दामों में भी इजाफा नजर आया। लॉकडाउन के कारण हर व्यक्ति दस-बीस किलो आलू लेना चाहता था तो 20 से 25 किलो आटा और टिन भर तेल। हालांकि दुकानदारों ने मांग के बदले आधा सामान ही उन्हें दिया।

ट्वीट कर डीएम से शिकायत
कानपुर में सब्जी, फल व खाद्य सामग्री को लेकर चल रही कालाबाजारी की शिकायत ट्वीट के जरिए लोगों ने डीएम से की। आटा खत्म होने से लेकर महंगे बिक रहे आलू व टमाटर की जानकारी दुकानदार और इलाके समेत दी जा रही है।

कैंट इलाके में रसोई गैस की दिक्कत
कैंट में बुधवार को रसोई गैस की किल्लत रही। अजय गैस सर्विस के पांच हजार कनेक्शन खपरा मोहाल, फेथफुलगंज, मीरपुर, शांति नगर, रेलबाजार में हैं। गैस सर्विस के ज्यादातर कर्मचारी शुक्लागंज से आते हैं। लॉकडाउन की वजह से पुलिस ने किसी भी डिलीवरीमैन को आने नही दिया तो तीन दिन से गैस का वितरण ही नहीं हो पाया।

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