शहर में मंगलवार काे भी अखाड़ाघाट पुल समेत कई जगह लाेगाें काे घंटाें जाम झेलना पड़ा। इसकी वजह अतिरिक्त ट्रैफिक जवानाें की गलत जगहाें पर तैनाती रही। अखाड़ाघाट पुल जैसी लगातार जाम लगनेवाली जगह पर काेई नहीं दिखा, जबकि बनारस बैंक चाैक पर 4 जवानाें की तैनाती थी। ऐसे में ट्रैफिक बेपटरी रही। दीपावली काे लेकर ट्रैफिक पर बढ़ते लाेड काे देखते हुए 100 अतिरिक्त जवान दिए गए हैं। इनकी तैनाती से अधिकतर इलाकाें में जाम से राहत रही। बीबीगंज हाईवे पर भैंस लदी गाड़ी राेक कर ट्रैफिक माेबाइल उगाही में जुट गया और दाेनाें तरफ वाहनाें की कतारें लग गईं।
समय शाम 5:10 बजे, स्थान- बीबीगंज ओवरब्रिज के निकट
दृश्य एक : बीबीगंज में हाईवे पर भैंस लदी पिकअप काे ट्रैफिक जवान राेकवाता है। वहां यातायात पुलिस की गाड़ी भी लगी है। चालक से सवाल किए जाते हैं- सीट बेल्ट क्याें नहीं है, चालक के अलावा 3 लाेग आगे कैसे बैठा, पिकअप पर भैंस कैसे लाेड किया….। पुलिस गाड़ी से एएसआई उतरते हैं। ड्राइवर काे थाना चलने की धमकी दे 5 साै रुपए की डिमांड हाेती है। दाे लाेग उतरकर कहते मात्र 20 रुपए हैं। तब पिकअप काे लेकर यातायात गाड़ी ओवरब्रिज पहुंचती है। वहां 200 रुपए लेकर गाड़ी आगे निकल जाती है।
दृश्य दाे -जब भैंस लदी पिकअप के ड्राइवर और भैंस काराेबारी से पुलिस की डीलिंग हो रही हाेती है, तभी बैरिया गाेलंबर के पास भीषण जाम लगा हाेता है। मां जानकी अस्पताल जा रहे एंबुलेंस समेत कई यात्री बसें और अन्य गाड़ियां गाेलंबर पर फंसी हैं। यातायात थाने की गाड़ी के जाने के बाद दैनिक भास्कर के प्रतिनिधि ने जब भैंस काराेबारी से पूछा ताे उसने अपना नाम रामश्रेष्ठ राय व बेरई के हथाैड़ी का रहनेवाला बताया। कहा- चालान काटने की बात कह एक हजार मांगा जा रहा था, 2 साै लेकर छाेड़ा।
बाेले ट्रैफिक थानेदार उगाही की करेंगे जांच
^सीट बेल्ट नहीं लगाने और पिकअप पर भैंस लाेड रहने से यातायात पुलिस काे काेई मतलब नहीं रखना है। बीबीगंज ओवरब्रिज के निकट यातायात पुलिस द्वारा अवैध उगाही नहीं की गई हाेगी। थाना पुलिस की गाड़ी रही हाेगी। वैसे हम खुद इसकी जांच करेंगे।
-धर्मेंद्र कुमार, थानाध्यक्ष, यातायात।







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