बाहर से आने वाले लोगों की सूचना दें, घर जाकर होगी स्क्रीनिंग: नोडल
- प्रत्येक पंचायत में बना एक अस्थायी आवासन केंद्र
- जिला प्रशासन ने जारी किया 06226-250316 हेल्पलाइन नंबर
-घर बैठे पाए चिकित्सकीय सुविधाएं
- लाॅक डाउन को समर्थन देने की अपील
रिपोर्ट राहुल रंजन
सीतामढ़ी- नोवेल कोरोनावायरस संक्रमण से बचने के जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई फैसले लिए जा रहें है। नोडल पदाधिकारी डाॅ आरके यादव ने कहा कि हम बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों के स्क्रीनिंग को लेकर काफी सजग है। जिले के अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं को पहले से ही बंद किया जा चुका है। रविवार को हमने सुबह से ही रेलवे स्टेशन में बाहर से आने वालों की स्क्रीनिंग कर रहे हैं। वहीं सड़क मार्ग में भी कैंप लगा कर प्रत्येक बसों में लोगो की स्क्रीनिंग की जा रही है। रविवार से अभी तक बस ,रेलवे एवं अन्य माध्यमों से जिले में आए लगभग 5000 लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है । हम अपनी तरह से हर संभव कोशिश कर रहे हैं कि बाहर से आए लोगों की स्क्रीनिंग हो जाए। विभाग ने पहले से ही मुखिया और पंचायत स्तर के प्रतिनिधयों को सूचित कर दिया है कि अगर कोई व्यक्ति बाहर के राज्यों से आता है तो उसकी सूचना वह तुरंत दें । अगर उक्त व्यक्ति जो बाहर से आया है और उसकी स्क्रीनिंग हो चुकी है तो भी वह 14 दिनो तक अपने घर से बाहर न निकलें । अगर कोई व्यक्ति बाहर से आता है और उसने उसे चेक न किया गया हो तो वैसे लेागों की जानकारी सीधे मुझे दें। स्वास्थ्यकर्मियों को वहां भेजकर स्क्रीनिंग की व्यवस्था की जाएगी।
जिलाधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा ने बताया कि जिले में लॉक डाउन की स्थिति को देखते हुए नियंत्रण कक्ष का निर्माण किया गया है। हेल्पलाइन नंबर 06226-250316 जारी किया गया है। इस दौरान कोई भी व्यक्ति इस नंबर कॉल कर जानकारी दे सकते है।

स्वास्थ्य विभाग के हेल्पलाइन नंबर 06226-250316 या सदर अस्पताल के उपाधीक्षक के मोबाइल नंबर 9470003747 या जिला वेक्टर बार्न रोग रोकथाम पदाधिकारी को 7762882756 पर भी कॉल कर चिकित्सकीय सहायता ले सकते है। जिलाधिकारी ने बताया इस नंबर पर कोई भी व्यक्ति कॉल करके चिकित्सकीय सलाह ले सकता है या फिर किसी सन्दिग्ध म’रीज के बारे में जानकारी दे सकता है। इसके लिए कंट्रोल रूम में कर्मियों की शिफ्टवाइज ड्यूटी लगाई गई है। यह सुविधा 24 घँटे उपलब्ध रहेगी।
सीएचसी में भी 20 बेड का आईसोलेशन वार्ड
भिबीडीसीओ सह नोडल डॉ आरके यादव ने बताया कि जिले के सभी प्रखंडो के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबन्धको का मोबाइल नंबर जारी किया गया है ताकि कहीं भी किसी प्रकार की सूचना हो तो सीधे उन नम्बरों पर कॉल कर दे सकते हैं ।सभी पीएचसी और सदर में पहले से ही दो और छह बेड के आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था है। स्थिति को देखते हुए हमने सीएचसी में भी 10 बेड की व्यवस्था की थी। पर अब इसकी संख्या हमने बढ़ाकर 20 कर ली है।
सामाजिक दूरियां बचाव में कारगर
नोडल डाॅ यादव ने कहा कोरोना के संक्रमण से बचाव में सामाजिक दूरियां कारगर साबित होगी। इसलिए एक दूसरे के संपर्क में आने से बचें। लाॅकडाउन का पालन करें। कोराना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने के दौरान वायरस हवा में फैल जाते हैं। यदि संक्रमित व्यक्ति के नजदीक कोई व्यक्ति जाता है तो वह भी इस वायरस से संक्रमित हो सकता है। केंद्र सरकार ने इसे लेकर सोशल डिसटेंसिंग एडवाइजरी जारी किया है जिसके अनुसार ऐसी जगहों पर जहां अधिक लोग एक दूसरे के संपर्क में आ सकते हैं, वहां लोगों के आने-जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

प्रत्येक पंचायत में एक अस्थायी आवासन केंद्र
नोडल ने कहा अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी के निर्देश पर हमने सभी पंचायतों में एक अस्थायी आवासन केंद्र का निर्माण किया है। यह वैसे लोगों के लिए है जो अन्य राज्यों से लौट कर आए हों और ग्रामवासियों के द्वारा तुरंत घरों में रहने देने से संकोच किया जा रहा हो। ऐसे मामलों में उन व्यक्तियों के कुछ दिनों के लिए अस्थायी आवासन की व्यवस्था है। इसके लिए प्रत्येक पंचायतों में एक एक स्कूल को अस्थायी आवसन का केंद्र बनाया गया है।
सोशल डिस्टेंसिंग को समझना जरुरी:
कोरोनावायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग की बात की जा रही है. जिसमें कार्य-स्थल, ऑफिस एवं अन्य सार्वजानिक जगहों पर लोगों से 1 मीटर की दूरी बनाए रखने की गुजारिश की जा रही है. साथ ही भीड़-भाड़ वाले जगह में जाने से, किसी मॉल जाने से या किसी रैली आदि में शामिल होने से बचना चाहिए. सोशल डिस्टेंसिंग के जरिए कोरोनावायरस पर प्रभावी रोकथाम लगायी जा सकती है. लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि यदि किसी व्यक्ति में सामान्य सर्दी या जुकाम के लक्षण हों तो उन्हें अपने ही घर में कैद हो जाना पड़े. ऐसे लक्षण दिखाई देने पर यह जरुरी है कि तुरंत चिकित्सक की सलाह ली जाए. हाथों को निरंतर साफ़ करते रहना एवं आस-पास भी साफ-सफाई का ख्याल रखकर इस संक्रमण से आसानी से बचा जा सकता है.




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