कोरोना वायरस से सूबे में गुरुवार को 16 नये संदिग्ध मिले हैं। मोतिहारी में चार, मधुबनी में चार, गया में एक, शेखपुरा में तीन, नवादा में दो, कैमूर में एक संदिग्ध कोरोना वायरस से मिले हैं। मोतिहारी चार संदिग्ध कोरोना के मरीज गुरुवार को सदर अस्पताल में इलाज के लिए लाये गये। जिसमें दो को सदर अस्पताल में भर्ती किया गया। जबकि दो को बेतिया मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
सभी मरीज दूसरे राज्य से होली में गांव में आये थे। अस्पताल सूत्रो के अनुसार, गुरुवार को सदर अस्पताल में पताही प्रखंड से एक, पीपरा से एक व मोतिहारी प्रखंड के दो संदिग्ध को इ’लाज के लिए लाया गया। सभी को सर्दी खां’सी है। मोतिहारी के दो मरीजों में खां’सी के साथ बु’खार व द’म फुलने की शि’कायत होने पर रेफर किया गया है। जानकारी नोडल पदाधिकारी अखिलेश पाण्डेय ने दी। उन्होने बताया कि ये सब केरल से होली में घर आये थे।
नवादा में दो संदिग्ध आइसोलेशन में भर्ती
नवादा जिले में दूसरे राज्यों और विदेश से आए 10 संदिग्ध लोगों की गुरुवार को मेडिकल टीम ने जांच की। किसी में भी कोरोना वायरस का कोई लक्षण नहीं मिला है। हालांकि दो लोगों को एहतियातन कौआकोल आईसोलशन वार्ड में भर्ती कराया गया है, जिनका सेंपल शुक्रवार को जांच के लिए पटना भेजा जाएगा। सभी को 14 दिन तक सुरक्षित घर में रहने का निर्देश दिया गया है। कौआकोल प्रखण्ड की मंझिला पंचायत के भलुआही टोला फुसबंगला निवासी योगेंद्र राम के पुत्र पारुष कुमार और लालपुर पंचायत के तेलियागढ़ी गांव निवासी मंसूर आलम के पुत्र जियाउल अंसारी को कौआकोल पीएचसी स्थित आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है।
पीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. रामप्रिय सहगल ने बताया कि दोनों मरीज केरल और कोलकाता से 18 मार्च को अपने घर वापस आए थे। बुखार और उल्टी होने की सूचना मिलने पर कौआकोल बीडीओ एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कौआकोल पीएचसी में लाकर स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया दोनों में कोरोना जैसा कोई लक्षण नहीं पाया गया है। बावजूद विशेष जांच एवं रोग की पहचान के लिए पीएचसी के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती रखा गया है। रोह प्रखंड में साउथ कोरिया से आए कर्मवीर सिंह और अमेरिका से आए शिशुपाल कुमार की जांच की गई, जिनमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं पाया गया।
वारिसलीगंज प्रखंड में ढाका से आए अम्बेडकर नगर मोहल्ला निवासी संजीव कुमार, दुबई से आए सुजीत कुमार और अशोक कुमार की जांच की गई। हालांकि दोनों में कोरोना का कोई लक्षण नहीं पाया गया। हिसुआ के डुमरी गांव में मुंबई से लौटे युवक राजू की तबियत खराब होने पर उसे इलाज के लिए नालंदा के पावापुरी हॉस्पिटल में भेजा गया, जहां से उसमें निगेटिव पाए जाने की सूचना मिली है। वहीं नरहट में दुबई से लौटे अमजद खान और पश्चिम बंगाल के आसनसोल से लौटी महिला शांति देवी की मेडिकल टीम ने जांच की, जिनमें कोई कोरोना का कोई लक्षण नहीं पाया गया।

मधुबनी में कोरोना के चार संदिग्धों की हुई जांच
मधुबनी में अलग-अलग प्रखंडों से चार संदिग्घ कोरोना पीड़ितों को अस्पताल लाया गया। हालांकि, चारों को जांच के बाद घर जाने की छुट्टी दे दी गयी। उनमें फिलहाल लक्षण नहीं मिले हैं। हालांकि, सभी को घर में अलग रहने की सलाह दी गयी है। अगर लक्षण में परिवर्तन आते हैं तो अस्पताल से संपर्क करने को कहा गया है।मिली जानकारी के मुताबिक, बासोपट्टी पीएचसी में कोरोना वायरस से संक्रमित दो संदिग्ध मरीज पहुंचे। दोनों युवक 15 दिन पहले दुबई से आए हैं। पीएचसी में दोनों युवकों को सिर दर्द व दूसरी समस्या होने के बाद जांच के लिए लाया गया। पीएचसी प्रभारी डॉक्टर शीला आजाद ने दोनों मरीज की जांच की। इसके बाद उन्हें घर वापस भेज दिया। उन्हें सतर्क रहने कहा गया है।
बेनीपट्टी में मरीज को होम आइसोलेशन में भेजा गया: बेनीपट्टी थाने के एक गांव के एक व्यक्ति को कोरोना पीड़ित होने की आशंका पर जांच के लिए पीएचसी लाया गया। पीएचसी प्रभारी डॉ. शंभुनाथ झा ने उसे प्राथमिक उपचार कर 14 दिनों के लिए होम आइसोलेशन में भेज दिया। 33 वर्षीय युवक ने डॉक्टर को बताया है कि वह पांच वषोंर् से कम्बोडिया में रहता है। 16 मार्च को घर पहुंचा। आज सुबह उसे सिर दर्द व बुखार का अनुभव हुआ। इसके बाद वह कोरोना की जांच के लिए पीएचसी पहुंचा। चिकित्सक ने बताया कि पूछताछ में उस व्यक्ति में कोरोना का कोई लक्षण नहीं दिखा है।

झंझारपुर में संदिग्धों की सूचना, पर नहीं मिले लक्षण
प्रखण्ड के एक गांव में एक व्यक्ति चेन्नई से दो दिन पूर्व पहुंचे हैं। वे बीमार हैं। लोगो में चर्चा हुई कि वह कोरोना से संक्रमित हो सकता है। चौकीदार को लोगों ने सूचना दी। बुधवार रात प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मुकेश कुमार के साथ अन्य कर्मी गांव गए। संबंधित व्यक्ति के बारे में जानकरी इक्कठा कर की। चिकित्सक यह कहकर वापस हो गए कि इसमें कोरोना के लक्षण नहीं हैं।
शेखपुरा में तीन संदिग्ध भेजे गये पावापुरी
शेखपुरा में गुरुवार को कोरोना के तीन संदिग्ध मरीज मिलने से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। इन मरीजों के बारे में पड़ोस के लोगों ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी थी। सूचना पर हरकत में आये स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तीनों संदिग्धों को सदर अस्पताल लेकर आयी और जांच की गयी। कोराना के जिला नोडल चिकित्सक डॉ. विनय कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में तीनों में कोरोना का सिमटम पाया गया है। प्रारंभिक उपचार के बाद संदिग्ध मरीजों को पावापुरी मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है। बताया जाता है कि चकदिवान के रहने वाले दंपति दो दिन पहले ही मुंबई से घर आये थे। दोनों को सर्दी, खांसी और बुखार था। पड़ोसियों को जब इसकी भनक लगी तो दंपति को इलाज कराने और जांच कराने की नसीहत दी।
आमस में भी मिला संदिग्ध मगध मेडिकल गया रेफर
आमस। गुरूआ ब्लॉक की सीमा पर बसे खैरी टोला रहमान गांव में गुरुवार को कोरोना वायरस का एक संदिग्ध मरीज मिला है। परिजनों ने चण्डीस्थान के एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया। जहां के डाक्टर ने शेरघाटी रेफरल अस्पताल को इसकी सूचना दी। जिसके बाद आनन-फानन में रेफरल अस्पताल से पहुंची डाक्टरों की टीम ने संदिग्ध को एंबुलेंस से शेरघाटी ले गये।
अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डा. राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने बताया कि जांच के बाद मगध मेडिकल गया रेफर कर दिया गया। संदिग्ध रहमान निवासी शिवजी भारती के बीस वर्षीय पुत्र पिन्टू भारती है। पत्नी रेश्मी देवी ने बताया कि उसके पति पिन्टू पंद्रह दिन पूर्व आंध्रप्रदेश फैक्ट्री में काम करने गये थे। वहां पहुंचते ही वह सर्दी-खां’सी से पी’ड़ित हो गये। इलाज के बाद भी ठीक नहीं होने पर वे 4 मार्च को घर लौट गये। घर आने पर भी इलाज कराया गया है। किन्तु इसके बाद भी ठीक नहीं होने पर गुरुवार को निजी क्लीनिक लाया गया।
संदिग्ध की भनक लगते ही देखने वालों की अस्पताल में भीड़ लग गई। साथ ही सभी उसके स्वस्थ होने की ईश्वर से दुआ करने लगे। डाक्टरों की टीम भीड़ को मरीज से दूरी बनाये रखने की अपील करते रहे। वहीं मरीज के जाने के बाद लोगों में कोरोना की चर्चा शुरू हो गई। प्रखंड में संदिग्ध मिलने से लोगों में दहशत का माहौल है। डा. राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।



