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भागलपुर की बाढ़ पीड़ित गर्भवती महिलाओं को खाना-पानी नसीब नहीं:150 परिवार तंबू में काट रहे जिंदगी, अच्छा तो दूर, दो वक्त का खाना मुश्किल

भागलपुर में बाढ़ पीड़ितों का हाल बेहाल है। पहले बाढ़ में घर डूबा…फिर ऊंचे स्थानों पर प्लास्टिक के नीचे सर छुपाया…रात में बारिश सोने नहीं देती…दिन में कड़ी धूप में पॉलीथिन के नीचे तपना पड़ता है। टैंकर से पीने के लिए पानी आता है… जिसके लिए 20 मिनट तक लाइन में इंतजार करना पड़ता है। बावजूद प्रयाप्त पानी नहीं मिल पाता है। सबसे ज्यादा दिक्कत वहां रह रही गर्भवती महिलाओं को हो रही है।

किसी का 8वां तो किसी का 9वां महीना चल रहा है। जिस स्थिति में गर्भवती को अच्छा और हेल्दी खाना ज्यादा जरूरी होता है, वहीं गर्भवती महिलाएं मुश्किल से दो वक्त का खाना खा पा रही पढ़िए पूरी ग्राउंड रिपोर्ट…

शहर के हवाई अड्डे के मैदान में करीब 150 तंबू वाले नवनिर्मित कैंप लगे हैं। जिसमें करीब 150 परिवार के 800 से 1000 लोग रह रहे हैं। ये सभी जिले के अंबरी विशनपुर के रहने वाले हैं। अंबरी विशनपुर गांव पिछले 15 दिनों से बाढ़ से प्रभावित है। जैसे ही गांव में बाढ़ का पानी बढ़ता गया, लोग अपने-अपने घरों को छोड़ कर हवाई अड्डे मैदान पर नया आशियाना बनाया। उनके पास आधा दर्जन महिलाएं ऐसी हैं, जो गर्भवती हैं। किसी का 7वां महीना तो किसी का 8वां तो किसी का 9वां महीना चल रहा है।

रात में बारिश तो दिन में धूप करती है परेशान

प्रीति कुमारी बताती हैं कि उनका 9वां महीना चल रहा है। घर में पानी आ जाने से ऐसी परिस्थिति में भी कष्ट झेलना पड़ रहा है। प्रीति कहती है कि यहां सरकार की तरफ से हमलोगों को कोई भी सुविधा नहीं दी जा रही है। खाने से लेकर पीने के पानी तक में दिक्कतें आ रही हैं। पीने के लिए दिन में एक बार टैंकर का पानी आता है। उसी से हमलोग पीने के लिए पानी लेते हैं। यहां करीब 800 से 1 हजार लोग रहते है। तो पानी कम पड़ जाता है। लेकिन इसी में काम चला रहे हैं।

प्रीति बताती हैं कि कभी कभी जब रात में बारिश होती है, तो नींद भी नहीं आती। इस पॉलिथिन के नीचे सर नही छुप पाता है। बारिश में भीगते भीगते रात गुजारनी पड़ती है। तो दिन में कड़ी धूप में पसीना बहता है।

ऐसे वक्त में अच्छा तो दूर, दो वक्त का खाना मुश्किल से नसीब

चंपा देवी कहती हैं कि जिन वक्त में उन्हें अच्छा खाना खाने की जरूरत थी, उस समय उन्हें दो वक्त का खाना भी मुश्किल से नसीब हो रहा है। चंपा देवी के गर्भ में 9 महीने का बच्चा है। चंपा देवी कहती हैं कि घर डूब गया, पति मजदूरी करते हैं। अभी तो काम भी नहीं मिल पा रहा है। सरकार की तरफ से उनके खाने की व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में बड़ी ही मुश्किल से चूल्हा जल रहा है। पहले से दो बच्चे हैं, उनको भी अच्छा खाना नसीब नहीं हो पा रहा है।

डीएम बोले सभी गर्भवती महिलाओं को देंगे सारी सुविधा

भागलपुर के जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने दैनिक भास्कर से कहा कि भागलपुर में जलस्तर काफी नीचे गया है। हवाई अड्डा पर रह रही गर्भवती महिलाओं को पूरी मदद मिलेगी। मैं टीम को वहां भेजता हूं। सिविल सर्जन को भी निर्देश दिया गया है।

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