मुजफ्फरपुर: कोरोना वायरस को लेकर वैसे ही आमलोगों में भ’य की स्थिति बनी हुई है। ऊपर से स्वास्थ्य विभाग की ला’परवाही और प्रबंधन की खामियां भी उजागर हो रही हैं। इससे सावधानी और जागरूकता की तैयारियों पर भी सवाल उठने लगा है। एसकेएमसीएच में जहां कोरोना से ब”चाव और निबटने के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है, ठीक वहीं कोरोना वायरस की जांच के बाद किट को खुले परिसर में फें’क दिया जा रहा है। एसकेएमसीएच में 30 बेड वाले आइसोलेशन वार्ड की सीढ़ियों के बगल में ही मास्क, कपड़े और दस्ताने फेंके पड़े है।

इतने गंभी’र मा’मले में बरती जा रही ला’परवाही म’रीजों और उनके परिजनों के लिए भी मुसी’बत बन सकती है। जानकारी के मुताबिक पीपीई में एक बार इस्तेमाल किए जाने वाले कपड़े, जूते के लिए एप्रन, मास्क और दस्ताने होते है। इसे एक बार उपयोग कर नष्ट कर देना होता है। लेकिन, व्यक्ति के ब्ल’ड सैंपल लेने के बाद किट को न’ष्ट नहीं किया गया है। उल्लेखनीय है कि हाल में उत्तर बिहार में विदेश से लौटे 11 लोगो का ब्ल’ड सैंपल लिया गया था।



Input: दैनिक भास्कर



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