बिहार में एनडीए की सरकार गिरने के बाद से भाजपा कोटे के रहे मंत्री से लेकर कार्यकर्ता तक नीतीश कुमार पर हमलावर हो गए हैं। बिहार सरकार के गन्ना एवं विधि शाखा मंत्री रहे प्रमोद कुमार ने शुक्रवार को कहा कि नीतीश कुमार पीएफआई के संरक्षक हैं। पीएफआई के बचाव को लेकर ही उन्होंने गठबंधन तोड़ा है।://
वहीं, फुलवारीशरीफ के थानाध्यक्ष को धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के पूर्व पीएफआई से जुड़े आतंकी संगठनो का खुलासा किया। पीएफआई पर कार्रवाई शुरू हुई तो नीतीश कुमार परेशान होने लगे। उन्हें लग रहा था कि आतंकियों के विरुद्ध हो रहे कार्रवाई सामाजिक सौहार्द बिगाड़ा जा रहा है।
भ्रष्टाचार के आरोपी के साथ मिल गए नीतीश
उन्होंने यह भी कहा कि पीएफआई अपने संगठन का बिहार में विस्तार कर रहा था। वैसे में बिहार बारूद के ढेर पर खड़ा हो गया था। समय रहते कार्रवाई नहीं हुई रहती तो न जाने क्या होता। मुख्यमंत्री जी को सोचने की जरूरत है। इस तरह से जनादेश का उल्लंघन कर उस पार्टी के साथ सरकार बनाए हैं। राजद के नेता पर भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप है। जिन्हें उप मुख्यमंत्री बनाए हैं, उनके पिता झारखंड के जेल में सजा काट रहे हैं।
जेड प्लस की सुरक्षा की व्यवस्था
बिहार में सरकार आने के बाद राज्य की जनता डर जाती है। उन्हें जेड प्लस की सुरक्षा दी गई है। आखिर उन्हें किससे खतरा हैं। बिहार के खजाना को खाली करने का काम कर रही है। इसका जवाब 2024 और 25 के चुनाव में जनता पूछेगी और इन्हें हराने का काम करेगी







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