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मिथिलांचल को अलग राज्य का दर्जा प्रदान करें सरकार:सभ्यता ,संस्कृति एवं भौगोलिक के तर्ज पर करें अलग

मिथिला राज्य के संदर्भ में मिथिला स्टूडेंट यूनियन आज पटना के ठाकुर प्रसाद कम्युनिटी हॉल मे प्रेस वार्ता का आयोजन किया था। इस आयोजन में कई मुद्दों पर बात की गई। 21 अगस्त को दिल्ली में आंदोलन की तैयारी के बारे में बताया किस तरीके से वह मिथिला को अलग राज्य की दर्जा दी की मांग करेंगे। इसको लेकर वह दिल्ली के संसद भवन का घेराव करेंगे इस पर उन्होंने यह भी कहा बिहार का मिथिला क्षेत्र विकास में बहुत पिछड़ा इलाका है। यदि 6 करोड़ की जनसंख्या वाले गुजरात में आईआईटी एनआईटी आईआईआईटी सेंट्रल यूनिवर्सिटी आदि हो सकता है तो 6 करोड जनसंख्या वाले मिथिला में इनमें से एक भी क्यों नहीं है। उनको क्यों बुलेट ट्रेन और हमको क्यों जनसाधारण ट्रेन दिया गया है। अन्य मुद्दे पर वह उन्होंने अपनी बात को रखी उन्होंने यह भी कहा नीति आयोग की रिपोर्ट अभी हाल ही में जारी हुआ था।

बिहार को सबसे गरीब और पिछड़े जिले में है। लेकिन जीडीपी ग्रोथ के हिसाब से अगर बात करें तो प्रति व्यक्ति आय औद्योगिक उत्पादन की बात होती है अथवा कृषि उत्पादन क्षेत्र पूरे देश में सबसे पीछे है। बाढ़ आपदा झेलने वाला 6 करोड़ से अधिक जनसंख्या बढ़ाने के लिए कोई विशेष प्रयास सरकार के तरफ से नहीं मिला है। मिथिला के विकास के लिए आज तक स्पेशल पैकेज तक नहीं दिया गया है। आखिर मिथिलांचल वालों के साथ सरकार ऐसी व्यवहार क्यों कर रही है। अब हमें अपना राज चाहिए हमें अलग राज के रूप में हमारी एक अलग भाषा संस्कृति भूगोल इतिहास भी रहा है।

नीतीश कुमार सरकार पिछले 10 साल से बिहार राज्य को विशेष दर्जा की मांग कर रहे। बिहार के पिछड़े होने की वजह से स्पेशल पैकेज की मांग करते हैं। लेकिन केंद्र ने कभी नहीं दिया। लेकिन जब नया मिथिला राज बनेगा तो संवैधानिक और नैतिक रूप से होगी केंद्र के लिए नया गठित राज्य को स्पेशल पैकेज अथवा केंद्रीय सहायता दिया जाएगा नया राज्य बनेगा तो स्वाभाविक रूप से नई राजधानी वैसे ही नई राजधानी में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट होगा भवन सड़के संस्थान रेल मेट्रो आदि बनेगा।

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