नेपाल में लगातार बारिश से उत्तर बिहार की नदियां उफान पर है। जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले कटरा और औराई के बाद अब बागमती ने गायघाट में तबाही मचाना शुरू कर दिया है। गायघाट पप्रखंड के केवटसा पंचायत के मिश्रौली गांव के सैंकड़ो परिवार बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। 50 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है। प्रखंड मुख्यालय से इन गांवों का संपर्क टूट चुका है। गांव टापू बन गया है। लोग जरूरत का सामान खरीदने भी जान जोखिम में डालकर जा रहे हैं। लोगों के बीच डर का माहौल है। मवेशी के लिए चारा लाना मुश्किल हो गया है। किसी तरह मवेशी का पेट पाल रहे हैं।
पानी में बना लिया आशियाना
स्थानीय महेश्वर राय ने बताया कि आलम यह है कि सबके घरों में पानी घुस चुका है। रहने की भी दिक्कत है। लेकिन, विवशता है। उसी पानी मे आशियाना बनाकर रह रहे हैं। पलंग के नीचे पानी लगा है, जो लगातार बढ़ रहा है। फिर भी उसी पर रात गुजारते हैं। बार-बार उठकर देखते रहते हैं कि कहीं पानी अधिक ऊपर तो नहीं आ गया। खाने पीने की दिक्कत है। लेकिन, प्रशासनिक स्तर से कोई मदद नहीं मिल रही है। जबकि इससे सभी वरीय अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं। बावजूद इसके उनलोगों के लिए अबतक कोई मदद नहीं पहुंची है।
ग्रामीण सुरक्षित ठिकानों की तरफ कर रहे पलायन
इधर, बागमती ने कटरा प्रखंड में भी जमकर मचाई है। लाखों की आबादी प्रभावित हुई है। प्रखंड मुख्यालय से लोगों का सम्पर्क भंग हो गया। पीपा पूल पर भी पानी का तेज बहाव है। सड़कें जलमग्न हो गयी है। घरों में पानी घुसने से पलंग और चौकी आधा डूब चुका है। इसपर रहने की विवशता है। वहीं लगातार तेज धार से कारण कटाव भी जारी है। इससे ग्रमीणों में भय का माहौल है। लोग अपने घरों से सामान लेकर सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन कर रहे हैं।







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