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शपथ से पहले बोलीं मुन्नी देवी- जैसे पटक-पटक कर कपड़ा धोती थी, वैसे भाजपा-जदयू को धो डालूंगी

राजद महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश महासचिव मुन्नी देवी उर्फ मुन्नी रजक को लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव ने विधान परिषद तक पहुंचाया है। मुन्नी रजक 22 जुलाई को एमएलसी पद के लिए शपथ ग्रहण करेंगी।

कपड़े धोकर हर दिन कमाती थी 175 से 200 रुपए, अब भी सुबह 3 बजे उठ जाती हैं

मुन्नी रजक के पति अवधेश रजक मोकामा नगर परिषद में सफाई कर्मचारी हैं। इनका घर अलीपुर-बिहटा पंचायत में बख्तियारपुर विधान सभा में पड़ता है। इनका मायका नालंदा जिला के हिलसा में है। मुन्नी रजक के पिता मानिक चंद रजक कपड़ा धोते थे और ससुर देवलाल रजक किसान थे। पिता अंग्रेजों के कपड़े धोते थे और कोलकाता में पढ़ाई कर अंग्रेजी बोलना भी जान गए थे।

मुन्नी रजक ने खुसरुपुर में दुकान के लिए एक गुमटी लगाई, वह भी किसी ने मदद स्वरूप दे दी थी। उसी गुमटी में लोगों के कपड़े आयरन करती और कपड़े धोने का काम भी करती। अलीपुर-बिहटा से खुसरूपुर हर दिन वह राजगीर पैसेंजर ट्रेन से आती-जाती थीं। इसके लिए सुबह तीन बजे उठ जाती थी। सुबह घर का कामकाज कर चार बच्चों (नंदनी, गुड्डू, शिवनाथ और किशन) के लिए खाना बनाकर जाती थीं और रात को 8 बजे लौटती तो पहले बच्चों के हाथ -पैर साफ करती फिर खुद फ्रेश होकर खाना बनातीं।

अभी वह एग्जीबिशन रोड के पास विधायक अनिरुद्ध यादव के आवास में रह रही हैं। वह बताती हैं कि कपड़े धोने के काम में हर दिन 175 से 200 रुपए तक की कमाई होती है। लेकिन कभी-कभी कुछ भी नहीं। राजद से जब से जुड़ीं उसके बाद से पार्टी के कार्यक्रमों में जाना-आना पड़ता है, इसलिए दुकान बंद कर भी जाना पड़ता है। अभी भी सुबह 3 बजे नींद टूट जाती है।

कहती हैं कि अब चिंता होती रहती है कि गरीबों का भला कैसे होगा! पहले सिर्फ कार्यकर्ता थी तो आजाद जैसी थी, कहीं भी आंदोलन शुरू कर देती थीं। अब बहुत बातों का ध्यान रखना होगा। लेकिन गरीबों के लिए लड़ाई जारी रहेगी। सरकार को लाठी चलानी हो तो चलाए!

शपथ ग्रहण से पहले मुन्नी देवी से बातचीतः

सवाल- आप एमएलसी बनकर क्या करेंगी?

जवाब- एमएलसी बनकर गरीब, शोषित-पीड़ितों के लिए काम करुंगी। लालू प्रसाद ने इस वर्ग को आगे बढ़ाया। वे बाबा साहेब अंबेडकर के बाद बड़े नायक हैं। एक सिद्धार्थ थे जो बुद्ध कहलाए। लालू प्रसाद किसान के घर में जन्म लेकर महानायक बने। वे किसी के मन का दर्द जानते हैं और तुरंत फैसला दे देते हैं।

सवाल- आप में क्या दिखा जो लालू प्रसाद ने आपको एमएलसी बनाया?

जवाब- ये तो वही बताएंगे। मैंने फल की चिंता नहीं की। पेड़ में पानी पटाती रही। उन्होंने आम कार्यकर्ता को आम जैसा फल दे दिया है।

सवाल- आप पहली बार लालू प्रसाद यादव से कब मिलीं?

जवाब- 1996 में मैं पहली बार लालू जी से मिलीं।

सवाल- कपड़ा धोने का काम कब से कर रही हैं?

जवाब- 1993 से कपड़ा धोने का काम मैं कर रही हूं।

सवाल- जब आप राजद से जुड़ गईं तो आपको अपने कपड़े धोने और आयरन करने वाली दुकान बंद कर कार्यक्रमों में जाना पड़ता होगा?

जवाब- हां, बंद कर जाना पड़ता है। हम हर दिन कपड़ा लेते थे, धो-धा कर उसी दिन आयरन करके दे देते थे। कोई जरुरत होती है तभी तो आदमी कोई काम करता था। हम मारवाड़ी सब का कपड़ा धोते थे। पैसा का बहुत दुख रहा जीवन में।

सवाल- कपड़ा कहां पर धोते थे?

जवाब- खुसरुपुर प्लेटफार्म पर धोते थे। रोज राजगीर पैसेंजर से आते-जाते थे घर। यहीं आयरन भी करते थे।

सवाल- अपने बच्चों को कितना पढ़ाया आपने?

जवाब- बड़ा वाला बीए किया। अब बीएड कर रहा है। बेटी भी बीए की। मंझला मैट्रिक तक पढ़ा। उसका हाथ एक्सीडेंट में घायल हो गया था। चौथा बेटा ग्रेजुएशन में है।

सवाल- आप कहां तक पढ़ी हैं?

जवाब- हम 10वीं तक पढ़े हैं। लेकिन बोर्ड की परीक्षा नहीं दिए।

सवाल- अखबार, किताब सब पढ़ लेती हैं आप?

जवाब- हां-हां सब पढ़ लेते हैं। समझ भी लेते हैं।

सवाल- जो लोग यह कहते हैं कि उच्च सदन में पढ़ा-लिखा को भेजना चाहिए, मुन्नी रजक बहुत पढ़ी-लिखी नहीं है, उनके बारे में आप क्या सोचती हैं?

जवाब- एगो कहावत है- आई.ए. गदहा, बी.ए. बैल, सबसे अच्छा मैट्रिक फेल। हम मैट्रिक फेल नहीं है। परीक्षा नहीं दी थी, लेकिन आप बताइए कि मैं जो स्टेटमेंट देती हूं कहां पर गलत देती हूं? मैं जमीन से जुड़ी हूं। गरीब का रोजगार कैसे चल रहा है? कैसे चूल्हा-चौका चल रहा है? यह दर्द नरेन्द्र मोदी या नीतीश कुमार नहीं समझते हैं। यह दर्द लालू प्रसाद समझते हैं। हम समझते हैं। मोदी-नीतीश जी खाली वादा करते हैं। पूरे देश में हिंदू- मुस्लिम हो रहा है। जात- पात हो रहा है। आडवाणी जी राम रथ लेकर आए थे। अयोध्या में क्या हुआ था? हिंदू- मुस्लिम सब को मिलकर रहना है। आंदोलन करने वालों की कमर सरकार तोड़ रही है।

सवाल- ऐसे में सरकार से आप कैसे लड़ेंगी?

जवाब- लडे़ंगे। आमने- सामने की लड़ाई होगी। खाएंगे लाठी। लाठी से मैं डरनेवाली नहीं हूं। जैसे पटक- पटक कर कपड़ा धोती हूं वैसे ही पटक-पटक कर भाजपा-जदयू का कचरा साफ कर दूंगी। समय आने पर एक झटके में सरकार गिराने का काम करूंगी। बाबा साहेब ने सब को ताकत दी है। बेटी अधिवक्ता, जज, पायलट सब बन रही है। महंगाई को मोदी ने कहां पर पहुंचा दिया है देख लीजिए।

सवाल- पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर भी लोग आरोप लगाते हैं कि वह पढ़ी-लिखी नहीं हैं, अंगूठा छाप हैं?

जवाब- अंगूठा से सत्ता दे सकती है जनता, तो ले नहीं सकती है। अंगूठा छाप जनता ही असली मालिक होती है। हमारा इतिहास बताता है। अकबर को जोधाबाई ने साक्षर बनाया था। भाजपा- जदयू से हिंदुस्तान नहीं चलेगा। चार साल वाली अग्निपथ योजना सरकार को वापस लेनी पड़ेगी। ये लोग सिर्फ चाहते हैं जनता आंदोलन करती रहे और हम अपने ईवीएम से सरकार बनाते रहें।

सवाल- अनाज पर भी जीएसटी लगा दिया गया?

जवाब- ई लोग हर चीज पर जीएसटी लगा देगा। जीने-मरने पर जीएसटी लगा देंगे। चार साल की बहाली फौज में कर रहे हैं। देश किससे चल रहा है जानते हैं, किसान और नौजवान पर। जिस जिन दोनों एक हो जाएंगे, किसी भी सरकार की चाल नहीं चलेगी।

सवाल- पहले आप तीन बजे उठ जाती थीं। अब कितने बजे उठती हैं?

जवाब- आज भी तीन बजे सुबह में उठ जाती हूं। सोचती रहती हूं कि अब भार मिल गया तो क्या -क्या करना है। किश्मिरिया गांव, दनियावं से पश्चिम है, वहां मैं गई थी। मांझी परिवार सब वहां अलंग पर बसे हुए हैं। एगो परिवार के पास घर नहीं है। नीतीश जी को दिखता नहीं है। वे नालंदा जिले के हैं लंदन के नहीं। कभी इस लोग को ऊपर उठाने का काम नहीं किया नीतीश कुमार ने। आज देखिए ट्रेन का क्या हाल है? प्लेटफार्म , एयरपोर्ट बेच रहे हैं। लालू प्रसाद के यहां सीबीआई रेड मारती है। सीबीआई भाजपा के खूनी नेता के यहां रेड मारे। वे दूध से धोए हुए हैं? कमल छाप साबुन से नहाया तो फ्रेश हो गया, लालेटन छाप से नहाया तो दागेबाज हो गया। जनता जान रही है आवाज उठाने वाले का दमन करते हैं और फर्जी मुकदमा में फंसा कर जेल भेज रही है मोदी सरकार। उद्योगपति, सत्ताशाही, सीबाआई की सरकार है।

सवाल- आप पूजा-पाठ भी करती हैं? किस देवता की पूजा करती हैं?

जवाब- शंकर भगवान की पूजा करते हैं। पटन देवी, शीतला मैया का स्मरण करते हैं।

सवाल- लालू प्रसाद के विरोधी कहते हैं कि रबड़ स्टाम्प को एमएलसी बना दिया, ताकि उसे दायें चलने कहा जाए तो वह दाएं चले और बाएं चलने को कहा जाए तो बाएं चले?

जवाब- हां, यही तो भाजपा वाले की साजिश है। पढ़े-लिखे को बना देते तो कहते कि रुपया लेकर बनाया है। भाजपा वाले 12 रुप दिखाते हैं। कहते हैं कि दाई के बेटा हैं, तो क्या दाई के बेटा को टिकट कभी दिए? कभी कपड़ा धोने वाले को और कभी डोम को टिकट दिए? स्वच्छ भारत बनाने की बात करते हैं पर धोबी, डोम को टिकट नहीं देते भाजपा वाले। इनके बिना स्वच्छ भारत बन जाएगा क्या? बताइए?

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