महादेव के साथ उनके भक्त भी निराले हैं। उनकी महादेव से श्रद्धा देखते ही बनती है। सोमवार देर शाम पूर्णिया के लाइन बाजार स्थित महामाया मंदिर में बाबा भोलेनाथ का बर्फाभिषेक हुआ। भक्तों के साथ मंदिर के पुजारी ने कहा की बढ़ती गर्मी से निजात दिलाने के लिए वर्फ से अभिषेक कराया। मंदिर में पूजा करने पहुंचे भक्तों ने कहा कि भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग का बर्फाभिषेक किया गया। यह मंदिर अपनी अनूठी मान्यताओं के लिए इलाके में प्रसिद्ध है।
बर्फ की सिल्लियों से होती है पूजा
महामाया मंदिर में महादेव की पूजा की अनूठी परंपरा है। यहां शिवलिंग पर आक-धतूरा, गंगा जल और दूध से पूजा नहीं की जाती है। बल्कि बर्फ की सिल्लियों से ढककर भोले नाथ की अराधना की जाती है। ऐसी मान्यता है कि सावन की सोमवारी को यहां पूजा करने से मन की हर मुराद पूरी होती है। यहां सावन की सोमवारी की संध्या स्तुति देखने दूर-दराज से भक्त पहुंचते हैं।

मुरादें होती हैं पूरी
मंदिर के पुजारी अभय कांत झा ने कहा कि इंसान के साथ भगवान को भी गर्मी लगती है। हम उनको कैसे इस गर्मी में रख सकते हैं। ऐसे में भक्तों ने वर्ष से उनका अभिषेक किया। मंदिर में बर्फाभिषेक की परंपरा 1966 से चली आ रही है। उन्होंने बताया कि भोलेनाथ का क्रोध शांत करने के लिए उनका बर्फाभिषेक किया जाता है। इससे शिव भक्तों को भी शांति मिलती है।
12 अगस्त को समाप्त होगा सावन
आषाढ़ मास की गुरु पूर्णिमा के अगले दिन से ही सावन मास की शुरुआत हो गई थी। साल 2022 के सावन में कुल 4 सोमवार हैं। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, इस बार सावन 14 जुलाई से शुरू हुआ और 12 अगस्त को समाप्त होगा। सावन का पहला सोमवार 18 जुलाई, दूसरा सोमवार 25 जुलाई , तीसरा सोमवार 01 अगस्त और चौथा सोमवार 08 अगस्त को होगा और सावन मास की शिवरात्रि 26 जुलाई को है।







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