दो बेटियों के रहते बेटा को जन्म नहीं देने पर पत्नी को जिंदा जलाकर मारने वाला दोषी पति को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनायी है। वहीं 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। यह फैसला औरंगाबाद सिविल कोर्ट के जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने ओबरा थाना कांड संख्या 317/19 में सजा के बिन्दु पर सुनवाई करते हुए सुनाया है।
दोषी अभियुक्त चंदन सिंह ओबरा थाना क्षेत्र के तुतुरकी गांव का रहने वाला है। 6 जुलाई को अभियुक्त को दोषी करार दिया गया था। मंगलवार को सुनवायी के लिए उसे कोर्ट में पेशी किया गया। लोक अभियोजक पुष्कर अग्रवाल ने बताया कि भादंस की धारा 302 में आजीवन कारावास और 50 हजार जुर्माना तथा धारा 201 में तीन साल की सजा और 20 हजार जुर्माना लगाया है।
पत्नी विरोध की तो हत्या कर दिया: मृतका विवाहिता की दो बेटी थी। दोनों अभी भी अपने नाना के पास रह रही है। दोनों बेटियों के रहने के बावजूद उसके पति व ससुरालवालों द्वारा ताना मारा जाता था। उसे भला-बुरा कहा जाता था। जिससे वह हमेशा परेशान रहती थी। उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। कई बार वह इसकी शिकायत अपने पिता से भी की थी, लेकिन विवाहिता के पिता उसे समझा-बुझाकर शांत करा देते थे। ताना मारने को लेकर ही एक दिन मामला बढ़ गया। विवाहिता भी इसका विरोध की। जिसके बाद दोषी पति उसके उपर किरोसीन तेल छिड़कर आग लगा दिया। जिसके उसकी मौत हो गई।
ढाई साल तक मामले की चली सुनवायी, 50 हजार जुर्माना भी
एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस कार्रवाई करते हुए आरोपी पति समेत अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले में करीब ढाई साल तक सुनवायी चली। पुलिस की बयान, मृतका के पिता के बयान व पोस्टमार्टम के आधार पर पति को दोषी पाया गया। जिसके बाद उसे आजीवन कारावास की सजा सुनायी गई। जबकि साक्ष्य के अभाव में सास-ससुर को दोष मुक्त कर दिया गया। सरकार की ओर से लोक अभियोजक पुष्कर अग्रवाल और बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता बसंत कुमार ने भाग लिया। दोनों पक्षों के दलिलें सुनने के बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।
ग्रामीणों ने मृतका के पिता को दी थी सूचना
29 दिसंबर 2019 को विवाहिता की जलाकर हत्या करने के बाद ससुरालवालों ने इसकी सूचना भी उसके मायकेवालों को नहीं दिया। किसी ग्रामीण ने मृतका के पिता को फोन कर बताया कि उसकी बेटी को जलाकर मार दिया गया है। जिसके बाद मृतका के पिता पटना के मसौढ़ी निवासी जैनेन्द्र सिंह अपने भाई के साथ उसके ससुराल पहुंचे।
जहां देखा कि ससुरालवाले उसकी शव को शमशान घाट पर जला रहे हैं। जिसके बाद तत्काल इसकी सूचना ओबरा पुलिस को दिया। सूचना पाकर ओबरा पुलिस मौके पर पहुंची और शरीर के जले हुए कुछ हिस्सों को कब्जे में लेकर जब्ती सूची बनाया और फिर पोस्टमार्टम कराया।
भूमि विवाद में युवक को पीटकर अधमरा करने वाले दोषी को तीन साल की सजा
भूमि विवाद में युवक की पीटकर युवक को अधमरा करने वाला एक दोषी को कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनायी है। यह सजा औरंगाबाद सिविल कोर्ट के अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी योगेश कुमार मिश्रा ने मुफ्फसिल थाना कांड संख्या 117/08 व जीआर संख्या 1588/08 में सुनवाई करते हुए सुनाया। दोषी अभियुक्त लालदेव यादव मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बेला गांव का रहने वाला है।
अधिवक्ता ने बताया कि अलखदेव यादव द्वारा मुफ्फसिल में 18 जुलाई 2008 को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जिसमें कहा गया था कि 15 जुलाई 2018 को चचेरे भाईयों ने जमीनी विवाद में बहस करते हुए हमला कर दिया था। लालदेव यादव ने रामी से वार कर दिया। जिससे मैं बुरी तरह ज़ख्मी हो गया था और अस्पताल में भर्ती के तीसरे दिन प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
कुल पांच अभियुक्त में से चार को डाट फटकार कर छोड़ दिया गया। अभियुक्त लालदेव यादव को भादं की धारा 147 में एक वर्ष की सजा व तीन हजार जुर्माना, 341 में एक माह की सजा, 323 में 6 माह की सजा, 504 में एक वर्ष की सजा और धारा 324 में तीन साल की सजा और पांच हजार जुर्माना लगाया गया है।



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