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BreakingNews: अप्रैल में ही जारी होंगे बिहार बोर्ड की मैट्रिक-इंटर परीक्षा के रिजल्ट…

शिक्षकों की हड़ताल बिहार में जारी है, इसके बावजूद पिछले साल की ही तरह इस बार भी बिहार बोर्ड मैट्रिक और इंटर परीक्षा का रिजल्ट  अप्रैल में ही जारी करेगा। बता दें कि बिहार में बोर्ड की मैट्रिक और इंटर की परीक्षाएं फरवरी में संपन्न हो गई हैं और आंसर शीट के मूल्यांकन का काम चल रहा है।

बिहार बोर्ड के इंटरमीडिएट की परीक्षा 3 फरवरी से शुरू हुई और 13 फरवरी को संपन्न हुई। उसके बाद बिहार बोर्ड के मैट्रिककी परीक्षा 17 फरवरी से शुरू हुई और ये परीक्षा 24 फरवरी को संपन्न हो गई है।

पहले से ही इंटरमीडिएट की परीक्षा के उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया जारी है। बोर्ड के विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बोर्ड ने इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को 7 मार्च तक पूरा करने की समय सीमा निर्धारित की थी, लेकिन अब इसे 9 मार्च तक बढ़ा दिया है। वहीं, अब मैट्रिक की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन भी 12 मार्च से शुरू होगा।

बता दें कि पिछले साल 2019 में बिहार बोर्ड ने सबसे पहले परीक्षा परिणाम जारी करने का रिकॉर्ड बनाया था, जो किसी राज्य के शिक्षा बोर्ड के लिए यह एक आश्चर्यजनक उपलब्धि थी। जो बिहार बोर्ड परीक्षा परिणामों में देरी और धो’खाध’ड़ी के घोटालों के लिए पिछले वर्षों से बद’नाम थी, उसपर लगा दाग पिछले साल के परिणामों की वजह से धुल गया था।

पिछले साल बोर्ड ने रिजल्ट के लिए जो समयसीमा निर्धारित की थी, उसी तय समयसीमा में लगभग रिजल्ट जारी कर दिया और यही नहीं, बिना किसी विवाद के परीक्षा की कॉपियों की मूल्यांकन प्रक्रिया को भी पूरा किया और किसी अन्य राज्य की बोर्ड के रिजल्ट से पहले बिहार बोर्ड ने परिणाम भी घोषित किया था।

पिछले साल की भांति इस साल भी ऐसा ही होने की उम्मीद है। बोर्ड के अनुसार इस बार भी परीक्षा परिणाम सबसे अधिक होने की संभावना है और इस बार भी बोर्ड अध्यक्ष द्वारा बोर्ड कार्यालय में ही परीक्षा का परिणाम घोषित किया जाएगा।

बता दें कि बिहार बोर्ड ने , बोर्ड के टॉपरों के पिछले विवादों से बचने के लिए, अब सत्यापन प्रक्रिया भी शुरू की है जिसमें बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित करने से पहले टॉपर्स की वाइवा-वॉइस होती है।पिछले दो वर्षों में बोर्ड ने न केवल परीक्षा में उत्तीर्ण प्रतिशत में सुधार करने के लिए कुछ बदलाव किए हैं बल्कि एक मजबूत परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली भी विकसित की है। 2019 के परिणामस्वरूप, न केवल परिणाम पहले घोषित किए गए बल्कि पास प्रतिशत में भी सुधार हुआ। 2019 में 80.25% छात्रों ने 2019 में 52.75% के विपरीत इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण की। इसी प्रकार, मैट्रिक परीक्षा में 80.73% छात्र उत्तीर्ण हुए, जबकि 2018 में 68.89% परीक्षार्थी थे।

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