बारी कलश स्थापना के साथ एक महीने की विषहरी पूजा 17 जुलाई से शुरू हाे जाएगी। कर्क की संक्रांति पर चंपानगर के विषहरी स्थान के मुख्य मंदिर में कलश की स्थापना हाेगी। 16 जुलाई को मनसा देवी काे गंध-धूप दिया जाएगा। वर्ष में यही एक दिन होता है, जब भगवती विषहरी का पिंडी कलश रहित होता है।
इस दिन पिंडी पर केवल बेंत रखकर देवी को गंध-धूप व नैवेद्य अर्पित किया जाता है। विषहरी स्थान के पंडा संतोष झा बारी कलश की पूजा के लिए कुम्हार के घर जाएंगे और देवी के पांचों स्वरूप की पूजा करेंगे। वहां से आने के बाद पिंडी पर भगवती मनसा के पांचों स्वरूप के साथ देवी नेतुला धोबिन की भी पूजा की जाएगी। 17 जुलाई काे कर्क की संक्रांति में देवी की विशेष पूजा, भोग, हवन इत्यादि हाेगा।



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