शिवहर में सदर थाना क्षेत्र के बभनटोली पुल के पास सोमवार को पड़ोसी की बेल कराकर घर लौट रहे दो सगे भाइयों की गाेली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक रेजमा निवासी 64 वर्षीय केश्वर पासवान और 48 वर्षीय रामलाल पासवान थे। बताया गया कि दोनों भाई जेल में बंद पड़ोसियों दीपक पासवान, चितरंजन पासवान, रविंद्र पासवान और रामबालक पासवान की जमानत में कोर्ट बेलर बने थे।
जमानत आदेश के कागजात लेकर दोनों जेल पहुंचे। इस बीच दोनों भाई भोजन के लिए बाइक से घर लौट गए। रास्ते में बभनटोली मठ और पुल के बीच बांसबारी के पास घात लगाए दो बाइक पर सवार अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है। कोई चुनावी रंजिश, तो कोई आपसी विवाद बता रहा है। इंस्पेक्टर रघुनाथ प्रसाद ने कहा कि सभी पहलुओं पर जांच चल रही है।
बता दें कि 65 वर्षीय केश्वर यादव पूर्व नक्सली रहे हैं। घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों में दो लोग शामिल थे। सूचना पर डीएसपी संजय कुमार और नगर थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर रघुनाथ प्रसाद पहुंचकर मामले की छानबीन में जुट गए हैं। घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई है। थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर रघुनाथ प्रसाद ने बताया कि बदमाशों की गिरफ़्तारी के लिए घेराबंदी शुरू कर दी गयी है। अपराधियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
रामलाल ने किया था सरेंडर
नक्सली गतिविधियों से अलग होने के बाद रामलाल पासवान पत्नी को आगे कर अपने सामाजिक दायरा लगातार बढ़ाने में लगा था। उसकी करीब 40 वर्षीय पत्नी शोभा देवी पंचायत चुनाव में लगातार तीन बार से मुखिया पद के लिए चुनाव लड़ रही थी। हालांकि उसे अब तक इन चुनावों में एक बार भी सफलता हासिल नहीं हाे सकी।
गत पंचायत चुनाव के समय अपनी पत्नी शोभा देवी को जीताने के लिए रामलाल पासवान ने जी-तोड़ प्रयास किया था। इसी क्रम में कई लोगों से उसका विवाद भी हुआ था। तब उसे धमकी भी दी गयी थी। हालांकि चुनाव हारने के बाद कुछ दिनों तक शांत रहने के बाद वह फिर से ग्रामीण राजनीति में सक्रिय हो गया था। इसी क्रम में पिछले दिनों उसके पड़ोसी जोगी पासवान और शंभू पासवान के बीच आपसी विवाद हुआ था। मामले में पुलिस ने छापेमारी कर दीपक पासवान, चितरंजन पासवान, रविंद्र पासवान व रामबालक पासवान काे गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया था।



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