
इससे बच्ची की मौत घ’टनास्थल पर ही हो गई। वहां मौजूद लोगों ने जख्मी महिला को उठाकर स्थानीय क्लीनिक में पहुंचाया जहां चिकित्सक ने उसे भी मृ’त घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलने पर ओपी अध्यक्ष सुबोध कुमार ने मौके पर पहुंचकर ट्रैक्टर व बाईक को जब्त कर लिया। पुलिस बल ने शव को अपने क’ब्जे में ले लिया। ओपी अध्यक्ष ने बताया कि दोनों श’वों को पोस्टमा’र्टम के लिए बेगूसराय भेजा जा रहा है। मंझौल में सड़क हा’दसे में मां और बेटी की मौत की सूचना के बाद घर में को’हराम म”च गया। मालीपुर निवासी रंजीत चौधरी की पत्नी रीना देवी और नौ माह की बेटी अनुष्का कि इस घ’टना में द”र्दनाक मौ’त हो गई। इस हा’दसे के बाद सबसे बड़ी स’मस्या उन पांच बेटियों की है जिनके ऊपर से अब मां का साया उठ चुका है। रंजीत चौधरी को कुल छह पुत्री थी। इनमें सबसे छोटी पुत्री की मौ’त सड़क हा’दसे में हो चुकी है। घ’टना की सूचना के बाद रंजीत चौधरी के ऊपर पहाड़ टू’ट पड़ा है। अब मां की ममता का दायित्व भी उन्हें ही निभाना है। वे सुंदरबन चौक पर पान की दुकान चलाकर परिवार का जीविकोपार्जन करते हैं। पांच बेटियों में सोनाली, सुरुचि, कोमल, स्वीटी और वैष्णवी शामिल हैं। बड़ी बेटी अष्टम में पढ़ती है।

वह फ#फक-फ#फक कर रो’ते हुए कह रही थी मां कहां चली गए हमको छोड़कर। घ’टना की सूचना मिलने के बाद पड़ोस के लोग पहुंचकर ‘रोते बिलखते परिजनों को ढां’ढस बंधा रहे थे। अगल-बगल के लोग बताते हैं कि मां रीना सभी बेटियों से प्यार करती थी और सबको समान भाव से देखती थी। छह बेटी होने के बावजूद भी वह कभी घब’राती नहीं थी। कहती थी घर में लक्ष्मी आई है। हम सबको पढ़ा लिखा कर अच्छा इंसान बनाएंगे। रीना भवानंदपुर मायके गई हुई थी। वहीं से एक शादी के कार्यक्रम में भाग लेकर घर लौट रही थी। इसी दौ”रान स”ड़क दुर्घ’टना में मौ’त हो गई।


