करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार के मामले में फंसे मगध यूनिवर्सिटी (MU) के कुलपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद से स्पेशल विजिलेंस यूनिट की टीम पूछताछ करना चाहती है। इसके लिए उन्हें SVU को अपनी कस्टडी में लेना है। उन्हें गिरफ्तार करना है। मगर, स्पेशल विजिलेंस कोर्ट से उन्हें अब तक गिरफ्तारी का वारंट नहीं मिला है। जबकि, SVU की तरफ से दूसरी बार कोर्ट में डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी करने की अर्जी दी गई है। मगर, इनकी अपील पर अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। कुलपति समेत 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए हुए और इनके ठिकानों पर रेड किए हुए 7 महीनों से अधिक का वक्त गुजर चुका है। लेकिन, कुलपति से अब तक पूछताछ नहीं हो सकी। इसका सीधा असर भ्रष्टाचार के इस केस की जांच पर पड़ा है।
सोमवार को ही दी अर्जी
SVU से जुड़े सूत्र बताते हैं कि पिछले एक महीने पहले भी अपील दाखिल कर कोर्ट से कुलपति की गिरफ्तारी का वारंट जारी करने मांग की गई थी। पर तब से लेकर अब तक उनकी मांग पर कोर्ट की तरफ से सुनवाई नहीं हुई है। इस कारण भ्रष्टाचार के मामले में SVU की टीम कुलपति से पूछताछ नहीं कर पा रही है। सूत्र बताते हैं कि ऐसी परिस्थिति में डॉ. राजेंद्र प्रसाद और उनसे जुड़े लोग बड़े स्तर पर फायदा उठा सकते हैं। खुद को बचाने के लिए भ्रष्टाचार से जुड़े इस केस में सबूतों को नष्ट कर सकते हैं। 27 जून सोमवार को ही SVU की तरफ से पटना स्थित स्पेशल विजिलेंस कोर्ट में दूसरी बार गिरफ्तारी का वारंट जारी करने की अपील की जा चुकी है।
3 साल में 30 करोड़ की काली कमाई आरोप
मगध यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद पर आरोप है कि उन्होंने अपने लोगों के साथ मिलकर बड़े स्तर पर काली कमाई की। इसके लिए कुलपति ने फर्जी डॉक्यूमेंट्स बनाए। जो लोग ड्यूटी करते ही नहीं थे, उनके नाम पर अपने लोगों से फर्जी सिग्नेचर कराए। फर्जीवाड़ा कर सरकारी रुपयों की निकासी की। इस काले कारनामे के जरिए कुलपति ने 3 सालों में 30 करोड़ की काली कमाई की। इस खेल को खेलने में यूनिवर्सिटी के जिन लोगों ने कुलपति और उनके चेहेतों का साथ नहीं दिया, वैसे लोगों को किसी न किसी प्रकार का गंभीर आरोप लगाकर नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था।



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