जमीन को लेकर बेटों ने अपने ही बुजुर्ग पिता को मृत घोषित कर दिया. जब बेटों की साजिश पिता को लगी तो वह डीएम के पास पहुंचे और बोले की साहब मैं अभी जिंदा हूं. यह मा’मला बेगूसराय का है. बताया जा रहा है कि तीन बीघा जमीन के लिए दो बेटों ने अपने जिंदा बाप को मृ’त घोषित कर दिया और मृ’त घोषित करने के बाद आपस में दोनों भाई ने बं’टवारा करके पिता को घर से निकाल दिया. पिता जिं’दा साबित करने के लिए दर-दर की ठो’करें खा रहा है. माम’ला बेगूसराय नगर क्षेत्र के नागदह का है. नागदह निवासी रामविलास महतो को दो बेटे है.
इनके पास खुद और अपनी पत्नी के नाम से करीब तीन बीघा जमीन है. 2007 में जब रामविलास की पत्नी अमेरिकी देवी का नि’धन हो गया तो बेटों ने खाना-पीना देने में मन’मानी शुरू कर दी. जिसके बाद 2008 में इन्होंने दूसरी शादी कर ली. दूसरी शादी के करते ही भोला प्रसाद निराला और राम मनोहर महतो को शक हो गया कि अब यह संपत्ति पिता अपने दूसरी पत्नी से होने वाले बच्चों को दे देंगे.जिसके बाद लोगों ने दोनों भाई ने आपसी सहमति से 2009-10 में अंचल में बंटवारा कर दिया. राजस्व कर्मचारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से अपने पिता को मृ:त घोषित कर दोनों भाई ने करोड़ों की जमीन अपने नाम करवा लिया और पिता को इसका पता भी नहीं चला.
कुछ दिनों के बाद दोनों भाई ने मिलकर अपने पिता और सौतेली मां को घर से निकाल दिया. इसके लिए रामविलास ने जब कानूनी लड़ाई शुरू की तो पता चला कि वह मृ’त घोषित हो चुके हैं और उनके नाम से अब कोई संपत्ति नहीं है. 24 जनवरी 2020 को रामविलास महतो ने इसका प्रतिलिपि अंचल से निकलवाया तो उसमें स्पष्ट लिखा हुआ था कि रामविलास महतो और उनके पत्नी की मृत्यु हो जाने के कारण जमीन का बंटवारा भोला प्रसाद निराला और राम मनोहर महतो के नाम से कर दिया गया है. जिसके बाद रामविलास महतो. अपने को जिंदा घोषित करने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं. उन्होंने डीएम से लेकर पीएम तक आवेदन भेजकर अपने को जिंदा साबित करने तथा संपत्ति वापस पाने के लिए गुहार लगाई है.



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