पटना. राजधानी पटना स्थित एम्स अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान मरीज के पेट में रुई छोड़ने का मामला सामने आया है। ऑपरेशन के नौ माह बाद टांका टूटने और दर्द होने के बाद अल्ट्रा साउंड जांच कराई तो पेट के अंदर रुई होने की बात सामने आई। इसके बाद पीड़ित मरीज के परिजनों ने शुक्रवार को अस्पताल के प्रसूति रोग विभाग में हंगामा किया। विभागाध्यक्ष पर लापरवाही बरतने और मरीज की जान से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से फुलवारी थाने में लिखित आवेदन दिया गया है। सूचना पर फुलवारीशरीफ थानाध्यक्ष एकरार अहमद पहुंचे। किसी तरह समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला पूजा कुमारी दानापुर इलाके की सगुना मोड़ की रहने वाली है। वह अनुमंडलीय अस्पताल मसौढ़ी में मेडिकल ऑफिसर है। बताया कि 14 सितंबर 2021 को पटना एम्स में ऑपरेशन से डिलीवरी हुई थी। एचओडी सह डीन डॉ. हिमाली व उनकी टीम ने डिलीवरी कराई थी। ऑपरेशन के 15 दिनों बाद टांका पक गया तो एम्स दिखाने आयी। इसपर डॉ. हिमानी ने फटकार लगाते हुए कहा कि लापरवाही की वजह से टांका पक गया।
अब जब परेशानी बढ़ी व पेट में दर्द रहने लगा और लगातार ब्लीडिंग की शिकायत होने पर 8 माह बाद अल्ट्रा साउंड कराया। पेट में 5.6 सेमी की रुई मिली। एम्स पहुंच इसकी जानकारी डॉक्टर को दी तो यहां भी अल्ट्रा साउंड हुआ तो उसकी रिपोर्ट में भी पेट में रुई मिली। जांच रिपोर्ट में पेशाब के रास्ते और बच्चेदानी के बीच में जख्म जैसा बन गया है। पूजा कुमारी ने फुलवारी थाने में शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है। एम्स प्रशासन से भी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इसकी शिकायत मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से करने की भी चेतावनी दी है।






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