मुंगेर जिला में पड़ने वाले 26 किलोमीटर कांवरिया पथ पर लगभग 2 साल बाद कांवरियों का जत्था दिखा है। कोरोना संक्रमण के कारण जिला प्रशासन के द्वारा पिछले दो वर्ष 2020, 2021 में इस पथ पर कांवरिया आवागमन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया था। 2 वर्षों के बाद आज शुक्रवार को सुबह से ही कांवरियों का जत्था देवघर की ओर जाते देखा जा रहे थे।
कोलकाता से आए कांवरिया उत्तरवाहिनी गंगा सुल्तानगंज से जल भर कर कच्ची कांवरिया पथ पर पैदल देवघर के लिए जा रहे सुब्रत घोष, तपसी नटवर, सुप्रियो राज, तपन सहित दर्जनों कांवरियों ने बताया कि कोरोना काल के बाद हम लोग पहली बार सुल्तानगंज से गंगा जल भर कर देवघर को रवाना हुए हैं। रास्ता बहुत कठिन है, रास्ते मे अभी बालू नहीं बिछाया गया है एवं सरकार के द्वारा कोई व्यवस्था नहीं किया गया है। बांग्ला सावन मानकर हम लोग गंगा दशहरा से ही चलना प्रारंभ कर देते हैं।
मालूम हो कि 14 जुलाई से विधिवत श्रावणी मेला का उद्घाटन किया जाएगा। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला को लेकर अब मात्र 34 दिन शेष रह गए हैं और कांवरियों का इक्का-दुक्का चलना आरंभ हो गया है। इसके बावजूद भी स्थानीय प्रशासन के द्वारा मुंगेर जिला में पढ़ने वाले कच्ची कांवरिया पथ पर अभी तक पानी, बिजली, सड़क एवं शौचालय का कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है।
बता दें कि बांग्ला सावन मानते हुए कल गंगा दशहरा के दिन कोलकाता के हजारों कांवरिया द्वारा उत्तरवाहिनी गंगा घाट सुल्तानगंज से गंगाजल भरकर सुल्तानगंज के लिए रवाना हुए एवं मुंगेर जिले के कमराय कच्ची कावरिया पथ पर कांवरियों की छिटपुट भीड़ देखा गया। इधर कच्ची कांवरिया पथ पर कांवरिया को देख अब स्थानीय दुकानदार भी अपनी अपनी दुकान को सजाने में लग गए हैं।






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