पाटलिपुत्र थाने में राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) के खि’लाफ IPC की धा’रा 420 के तहत धो’खाध’ड़ी और बेईमानी का आरोप लगा प्रा’थमिकी द’र्ज करायी गई है। प्रा’थमिकी बिहार के मोतिहारी जिले के रहने वाले एक युवक शाश्वत गौतम ने द’र्ज कराई है। युवक ने प्रशांत किशोर पर ‘बात बिहार की’ कंटेंट के नकल का आ’रोप लगाया है।प्रशांत किशोर ने इस तरह के दावे और एफआइआर पर कड़ा एेतराज जताया है और कहा है कि यह कुछ नहीं, बल्कि एक व्यक्ति द्वारा अपने दो मिनट की प्रसिद्धि हासिल करने के लिए किया गया दावा और शरारत है, और कुछ नहीं। कानून प्रवर्तन एजेंसियों को पूरी तरह से और तेजी से इस मामले की जांच करनी चाहिए ताकि सार्वजनिक तौर पर सच्चाई सबके सामने आ सके।”


एफआइआर द’र्ज कराने वाले ने कही है ये बात
प्रशांत किशोर के खि’लाफ की गई प्रा’थमिकी में एक अन्य युवक ओसामा का भी नाम है। बताया जा रहा है कि शाश्वत पहले कांग्रेस के लिए चुनाव में काम कर चुके है और शा’श्वत का कहना है कि ‘बिहार की बात” नाम का एक प्रोजेक्ट बनाया था, जिसे आने वाले दिनों में लांच करने की बात चल रही थी। इसी बीच ओसामा ने शा’श्वत के यहां से इस्तीफा दे दिया और बिहार की बात का सारा कंटेंट उसने प्रशांत किशोर को दे दिया।जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रह चुके प्रशांत किशोर राजनीतिक रणनीतिकार हैं और उनकी कंपनी आइपैक विभिन्न राजनीतिक दलों के लिए चुनाव प्रचार के अभियान का जिम्मा संभालती है। प्रशांत किशोर ने अपने चुनाव अभियान की शुरुआत भाजपा के चुनाव प्र’चार से की थी, जिसमें उन्हें आशातीत सफलता मिली थी.

उसके बाद प्रशांत किशोर की टीम ने कई राजनीतिक पार्टियों के चुनाव प्रचार के अभियान का जिम्मा लिया और उन पार्टियों को जीत दिलाई। अभी प्रशांत किशोर ने बिहार के युवाओं को राजनीति से जोड़ने के लिए ‘बात बिहार की’ नाम से एक अभियान की शुरुआत की है और इस अभियान में 10 लाख युवाओं को जोड़ने की बात कही है।बता दें कि प्रशांत किशोर के ‘बात बिहार की’ कार्यक्रम की शुरुआत हो चुकी है और लाखों लोगों ने इस कार्यक्रम में अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। कार्यक्रम की शुरुआत काफी अच्छी हुई है और इसमें रजिस्ट्रेशन के लिए युवा वर्ग खासा उत्साहित है।



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