करोड़ों खर्च के बा’वजूद एसकेएमसीएच में आने वाले म’रीजों के लिए पर्याप्त सु’विधाएं बहाल नहीं हो सकी हैं। अब भी फर्श पर म’रीजों का इला’ज हो रहा है। मंगलवार मीनापुर गंगटी की 35 वर्षीय कांती देवी गंभीर हा’लत में एसकेएमसीएच पहुंची। उसे भ’र्ती तो कर लिया गया किन्तु बेड नहीं रहने के कारण फर्श पर ही उसका इ’लाज शुरू किया गया। कांती की सास उमा देवी ने बताया कि सुबह चार बजे कांती की अचानक त’बीयत बि’गड़ गयी। उसे मीनापुर पीएचसी में भर्ती कराया गया। वहां से चिकित्सकों ने एम्बुलेंस से एसकेएमसीएच पहुंचाया। गांव से आए मेवा लाल साह ने कहा कि यहां इ’लाज तो हो जाता है किन्तु म’रीज या उनके सहयोगियों को रहने का समुचित प्रबंध नहीं है।

सबसे बदतर स्थिति ह’ड्डी विभाग के पुरुष जनरल वार्ड में दिखी। बेड से अधिक म’रीज फर्श पर दिखे। शिवहर के राजेन्द्र कुमार ने बताया कि मेरा भाई का पैर टू’ट गया था दस दिनों से भ’र्ती हैं। बेड नहीं मिलने के कारण म’रीज और हमलोगों को फर्श पर ही इ’लाज कराना पड़ रहा है। अधीक्षक डॉ़ एस के शाही बताते हैं कि जिस वार्ड में बेड की संख्या 34 है वहां मरी’जों की संख्या 68 है। अस्पताल में हर म’रीज का इ’लाज तो किया जा रहा है, मगर संख्या अधिक होने से सबको बेड नहीं मिल पा रहा है। बावजूद हर संभव बेहतर इ’लाज का प्रयास किया जाता है।




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