नेपाल में आर्थिक संकट की वजह से महंगाई बढ़ी है। ऐेसे में भारत से सस्ते सामान की तस्करी कर बाॅर्डर पार कर नेपाल भेजा जा रहा है। इस तस्करी के सामान काे बाॅर्डर पार कराने में बड़ी संख्या में महिलाएं जुटी हुई हैं। नेपाल सीमा से सटे भारतीय क्षेत्र के विभिन्न जिले (सीतामढ़ी, मधुबनी, माेतिहारी और सुपाैल) के बाॅर्डर से इसकी पड़ताल की ताे सामने आया कि भारतीय क्षेत्र के बाजार में नेपाल से आकर खरीदारी करने वालाें की जाे संख्या बढ़ी है, उनमें ज्यादातर महिलाएं हैं। नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र के अधिकांश पुरुष अपनी रोजी-रोटी के लिए भारत सहित अन्य देशों में चले जाते हैं। वहीं घर में बची महिला सीमावर्ती क्षेत्र में सामानों को इस पार से उस पार कर अपनी आजीविका चलाते हैं। ये महिलाएं रायडर का काम कर रही हैं, जाे तस्करी के सामान काे खेताें और पगडंडी के रास्ते इस पार से उस पार कर रही हैं। वहां सामान साैंपने के बाद उन्हें वजन के हिसाब से पैसे दिए जाते हैं। ये भी सामने आया है कि पहले जाे तस्करी कपड़े, बर्तन, शराब, पेट्राेल-डीजल, ड्राईफ्रूट्स और साेना तक सीमित थी। अब नेपाल में आर्थिक संकट की वजह से चीनी, खैनी, रजनीगंधा, राजनिवास, सूखी मिर्च, सरसों तेल, रिफाइन, विकासी आंध्रा मछली, मुर्गा आदि की तस्करी भी की जा रही है।
50 किलो तक सामान पार कराने पर महिलाओं को मिलते हैं 250 रुपए
सीतामढ़ी : बॉर्डर पर अधिकांशत: शराब तस्करी से जुड़े मामले पकड़े जाते हैं। घरेलू उपयोग की छोटे-छोटे सामग्री के तस्करी के मामले कम ही पकड़े जा रहे हैं। एसएसबी, नेपाली सुरक्षा प्रहरी के अनुसार तीन माह में बॉर्डर क्षेत्र में 30 महिला तस्करों की गिरफ्तारी हुई है। सोनबरसा का त्रिभुवन नगर, मलंगवा, भासर खुटौना, कन्हौली, मुरहा डिह, नरकटिया, लालबंदी पूर्वी, बसतपुर, परिहार का सिरसिया, समसी कन्हवां, सहसराम, मेजरगंज में बलरा, बारा उधोरन, सुरसंड में भिट्ठा, नवाही, बालकेशर, बैरगनिया में लक्ष्मीपुर, मुसाचक, भकुरहर, सिंदुरिया, महादेवपट्टी, बलुआ तस्करी के मार्ग हैं।
सुपौल वीरपुर में भारत- नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र के भारतीय प्रभाग में तस्करी के चलन अब और अधिक तेज हो गए हैं। भारत-नेपाल सीमा के भीमनगर और भंताबारी के रास्ते दर्जनों की संख्या में महिलाएं, युवतियां व बच्चे सामान काे बाॅर्डर पार ले जाने में लगे हुए हैं। खास समय और मौका पाकर ये तस्करी को अंजाम दे रहे हैं। एसएसबी की ड्यूटी बदलती है और इस दौरान 10 मिनट का भी समय मिलने पर तस्कर सक्रिय हाे जाते हैं। बीते छह माह में एसएसबी ने नौ महिला तस्कर को पकड़ा।


मधुबनी जिले के मधवापुर, हरलाखी, बासोपट्टी, जयनगर, लदनियां, खुटौना, लौकही की सीमाओं पर महिला तस्करों की संख्या बढ़ी है। जयनगर अनुमंडल मुख्यालय व नेपाल बॉर्डर पर 2014 तक वह सक्रिय रूप से नैरोगेज ट्रैन के माध्यम से तस्करी सक्रिय थी। पर अब खेताें और अन्य रास्ते से सामानाें की तस्करी की जा रही है। नेपाल के लखौरी गांव की डेढ़ दर्जन से अधिक महिलाएं तस्करी में सक्रिय हैं। जिले के विभिन्न बाॅर्डर क्षेत्र से छह महीनाें में 26 महिला तस्कराें काे पकड़ा गया है।

मोतिहारी पूर्वी चंपारण की नेपाल से लगने वाली करीब 75 किलोमीटर की सीमा पर दोनों तरफ सुरक्षाबलों की तैनाती है। भारत की तरफ से एसएसबी, कस्टम पुलिस व स्थानीय पुलिस रहती है। जबकि नेपाल की तरफ से एएफबी व वहां की पुलिस व भंसार पुलिस (नेपाली कस्टम) रहती है। इसके बावजूद तस्करी पर रोक नहीं लग पा रही है। जिले में रक्सौल से सटे सभी ग्रामीण इलाके, आदापुर, छौड़ादानों, झरौखर, कुंडवा चैनपुर व गौर से सटे इलाके तस्करी के मुख्य मार्ग हैं। तीन माह में मोतिहारी से लगे बॉर्डर क्षेत्र में तस्करी को लेकर 500 से अधिक लोग पकड़े गये। इनमें 25 से अधिक महिला तस्कर शामिल हैं।




Leave a Reply